बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री Neelam Kothari ने हाल ही में अपने यूट्यूब व्लॉग के जरिए 80 और 90 के दशक की फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कई यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि आज की आधुनिक सुविधाओं के बावजूद उन्हें पुराने दौर की सादगी, मेहनत और अपनापन कहीं ज्यादा पसंद है। साथ ही उन्होंने गोविंदा के साथ अपनी शानदार ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और डांस मुकाबले का भी जिक्र किया।
आज की सुविधाओं से ज्यादा पसंद है पुराने दौर की सादगी
Neelam Kothari ने बताया कि पहले शूटिंग के दौरान कलाकारों के पास न तो एयर कंडीशनर होता था और न ही वैनिटी वैन जैसी सुविधाएं। गर्मी में घंटों शूटिंग करना, बार-बार मेकअप ठीक कराना और लंबे समय तक सेट पर रहना आम बात थी। इसके बावजूद कलाकार पूरे उत्साह के साथ काम करते थे।
उन्होंने कहा कि उस दौर की सादगी, अनुशासन और टीम भावना आज भी उन्हें सबसे ज्यादा आकर्षित करती है।
गोविंदा के साथ डांस में होती थी दोस्ताना टक्कर
गोविंदा के साथ अपनी जोड़ी को याद करते हुए Neelam Kothari ने बताया कि दोनों के बीच हर गाने की शूटिंग के दौरान एक हेल्दी कॉम्पिटिशन रहता था। दोनों कोशिश करते थे कि डांस में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दें।
यही कारण था कि उनकी जोड़ी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुई और आज भी दोनों के गाने लोगों की पसंद बने हुए हैं।
‘आप के आ जाने से’ आज भी लोगों की पहली पसंद
Neelam Kothari ने अपनी सुपरहिट फिल्म खुदगर्ज के मशहूर गीत ‘आप के आ जाने से’ को अपने करियर के सबसे यादगार गानों में शामिल बताया। 1987 में रिलीज हुआ यह गाना आज भी पार्टियों, स्टेज शो और सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जाता है।
कई सुपरहिट फिल्मों से बनाई अपनी पहचान
फिल्म जवानी से करियर की शुरुआत करने वाली Neelam Kothari ने इसके बाद लव 86, इल्जाम, हत्या, सिंदूर और घराना जैसी कई सफल फिल्मों में अभिनय किया। अपनी सादगी, अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर उन्होंने 80-90 के दशक में अलग पहचान बनाई।
गोविंदा-नीलम की जोड़ी पर फिदा थे फैंस
एक समय ऐसा था जब गोविंदा और Neelam Kothari की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे सफल जोड़ियों में गिनी जाती थी। दोनों की शानदार केमिस्ट्री को देखकर कई फैंस यह तक मानने लगे थे कि दोनों असल जिंदगी में भी एक-दूसरे के करीब हैं। हालांकि दोनों ने हमेशा एक-दूसरे को अच्छा दोस्त और बेहतरीन को-स्टार ही बताया।
पुराने दौर की यादें आज भी हैं खास
Neelam Kothari का मानना है कि पहले फिल्मों में तकनीक कम लेकिन मेहनत ज्यादा होती थी। कलाकार एक परिवार की तरह काम करते थे और यही बात उस दौर को आज भी खास बनाती है। उनके मुताबिक, वही अपनापन और सादगी आज की फिल्म इंडस्ट्री में कम देखने को मिलती है।
निष्कर्ष
Neelam Kothari की बातें यह साबित करती हैं कि बॉलीवुड का 80-90 का दौर सिर्फ हिट फिल्मों का समय नहीं था, बल्कि सादगी, कड़ी मेहनत और यादगार रिश्तों का भी दौर था। यही वजह है कि आज भी उस दौर की यादें कलाकारों और दर्शकों दोनों के दिलों में ताजा हैं।
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