छत्तीसगढ़ में एनएसटीआई छत्तीसगढ़ की स्थापना से कौशल विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। नवा रायपुर अटल नगर में यह संस्थान विकसित किया जाएगा।
इसके लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ जमीन निःशुल्क आवंटित करने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। संस्थान के निर्माण पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है।
यहां आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं विकसित होंगी। इससे युवाओं को रोजगारपरक और तकनीकी प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
एनएसटीआई छत्तीसगढ़ से बढ़ेंगे कौशल विकास के अवसर
आज युवाओं के लिए डिग्री के साथ व्यावहारिक दक्षता भी जरूरी है। उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुसार तकनीकी प्रशिक्षण का महत्व बढ़ रहा है।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए एनएसटीआई की स्थापना की योजना बनाई गई है। संस्थान में दीर्घकालीन और अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे।
दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों में हर साल करीब एक हजार प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण मिलेगा। वहीं, अल्पकालीन कार्यक्रमों में करीब तीन हजार प्रशिक्षु शामिल हो सकेंगे।
इससे हजारों युवाओं को अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद युवा नौकरी के साथ उद्यमिता की ओर भी बढ़ सकते हैं।
एनएसटीआई छत्तीसगढ़ से युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण
एनएसटीआई छत्तीसगढ़ युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद कर सकता है। प्रशिक्षण से उद्योगों की जरूरतों को समझने में भी सहायता मिलेगी।
गांव और कस्बों के युवाओं के लिए ऐसे अवसर महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इससे वे अपनी रुचि के अनुसार तकनीकी क्षेत्र चुन सकेंगे।
कौशल हासिल करने वाला युवा नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहेगा। वह अपना उद्यम शुरू करके दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार बना सकता है।
38 से 45 वर्ष हुई अधिकतम आयु सीमा
मंत्रिपरिषद के हालिया निर्णय में आयु सीमा बढ़ाने का भी उल्लेख है। विभिन्न शासकीय और संबद्ध संस्थाओं में सीमा 38 से 45 वर्ष की गई है।
इस बदलाव से अनुभवी लोगों के लिए नए अवसर बन सकते हैं। लंबे समय तक काम करने वाले लोगों के पास व्यावहारिक अनुभव होता है।
उन्होंने संस्थागत व्यवस्था और कार्य से जुड़ी चुनौतियों को करीब से समझा है। इसलिए उनके अनुभव का उपयोग नई जिम्मेदारियों में किया जा सकता है।
युवा ऊर्जा के साथ अनुभव की ताकत
विकास के लिए युवा ऊर्जा और अनुभवी सोच दोनों महत्वपूर्ण हैं। युवा नई तकनीक और नए विचारों को तेजी से अपनाते हैं।
वहीं अनुभवी वर्ग परिस्थितियों को समझने की क्षमता रखता है। दोनों के बेहतर तालमेल से संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ सकती है।
एनएसटीआई छत्तीसगढ़ युवाओं को कौशल का मंच देने की दिशा में कदम है। वहीं बढ़ी आयु सीमा अनुभवी वर्ग की क्षमता को अवसर देने का प्रयास है।
कौशल से रोजगार और उद्यमिता तक
एनएसटीआई छत्तीसगढ़ में मिलने वाला प्रशिक्षण युवाओं के लिए उपयोगी आधार बन सकता है। तकनीकी दक्षता रोजगार की तैयारी को मजबूत कर सकती है।
साथ ही, प्रशिक्षित युवा स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में विकास की तस्वीर अब कृषि के साथ कौशल से भी जुड़ रही है। उद्योग, तकनीक और उद्यमिता इसके नए आयाम बन रहे हैं।
एनएसटीआई से जुड़ी प्रमुख बातें
- नवा रायपुर अटल नगर में संस्थान स्थापित किया जाएगा।
- ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ जमीन आवंटित होगी।
- परियोजना की अनुमानित लागत करीब 200 करोड़ रुपये है।
- दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों में करीब 1,000 प्रशिक्षु होंगे।
- अल्पकालीन कार्यक्रमों में करीब 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण मिलेगा।
आयु सीमा बढ़ने का संभावित प्रभाव
- अधिक अनुभवी लोगों को अवसर मिल सकेंगे।
- कार्यकुशलता का बेहतर इस्तेमाल संभव होगा।
- संस्थानों को अनुभवी मानव संसाधन मिल सकता है।
- युवा और अनुभवी वर्ग साथ मिलकर काम कर सकेंगे।
- रोजगार और आत्मनिर्भरता की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
कुल मिलाकर, एनएसटीआई छत्तीसगढ़ कौशल विकास को नई दिशा देने वाला प्रस्ताव है। इसके साथ आयु सीमा बढ़ाने का फैसला अनुभव के उपयोग को बढ़ा सकता है।
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