नेशनल पैरा पावरलिफ्टर रोहित धनखड़ की निर्मम हत्या ने पूरे खेल जगत को हिला कर रख दिया है। भिवानी पुलिस ने इस जघन्य मामले में तिगड़ाना गांव के संजय उर्फ संजू, बिल्लू उर्फ जितेंद्र और रोहित उर्फ मोटा को गिरफ्तार कर लिया है तथा उन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पूछताछ में सामने आया कि विवाद की असली वजह लड़कियों से छेड़खानी नहीं, बल्कि शादी के दौरान सेल्फी लेते समय मामूली कहासुनी थी, जब रोहित ने बरातियों से साइड में होकर फोटो लेने को कहा था। इसी छोटी बात पर शुरू हुई बहस इतना भड़क गई कि शादी खत्म होने पर चार कारों में सवार बरातियों ने रोहित और उसके दोस्त जतिन का पीछा किया, रेलवे फाटक पर गाड़ी रोककर हॉकी, डंडे और बिंडे से रोहित को खिड़की से बाहर निकालकर बेरहमी से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। जतिन किसी तरह कार लेकर भाग निकला और बाद में रोहित को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के इलाज के दौरान शनिवार को रोहित ने दम तोड़ दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर तक भारत का नाम रोशन करने वाला रोहित पैरा पावरलिफ्टिंग में तीन बार राष्ट्रीय चैंपियन रह चुका था, छह बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था और एक बार दुबई में अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व कर चुका था। 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा सम्मानित रोहित न सिर्फ खुद जिमखाना क्लब सेक्टर-4 में अभ्यास करता था बल्कि अन्य बच्चों को भी प्रशिक्षण देता था। पिता के देहांत के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसने अपने कंधों पर उठा रखी थी, लेकिन एक मामूली विवाद के कारण उसकी जीवन यात्रा क्रूरता से समाप्त कर दी गई। फिलहाल पुलिस आरोपियों के रिमांड की तैयारी कर रही है, वारदात में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और हमले में इस्तेमाल हथियारों व वाहनों की तलाश भी जारी है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।