छत्तीसगढ़ में राजनीतिक प्रकरण वापसी से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। इसके लिए 30 सितंबर को मंत्रालय महानदी भवन में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की।बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी शामिल हुए। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मौजूद रहीं। कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
9 प्रकरणों की हुई अनुशंसा
समिति ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से जुड़े 16 मामलों की समीक्षा की। इनमें राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरण शामिल थे। कुल मामलों में 8 प्रकरण लंबित बताए गए। समीक्षा के बाद 9 प्रकरणों की अनुशंसा की गई। वहीं, 2 मामलों को पुनर्विचार के लिए संबंधित जिलों को भेजा गया। अन्य मामलों को राजनीतिक आंदोलनों से जुड़ा नहीं पाया गया।
लंबित मामलों की स्थिति पर भी चर्चा
राजनीतिक प्रकरण वापसी के तहत पहले अनुशंसित मामलों की स्थिति भी देखी गई। अधिकारियों से इन मामलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। साथ ही, आगे की कार्रवाई के बारे में भी चर्चा हुई।
समिति ने संबंधित अधिकारियों से नियमानुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा। न्यायालय में लंबित मामलों की प्रगति पर भी जानकारी ली गई।
नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
बैठक में मामलों की प्रकरणवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने प्रत्येक मामले से जुड़ी जानकारी समिति के सामने रखी। इसके आधार पर आगे की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
राजनीतिक प्रकरण वापसी से जुड़े मामलों में नियमों का पालन करने पर जोर दिया गया। संबंधित विभागों को जरूरी कार्रवाई समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव गृह निहारिका बारीक शामिल रहीं। प्रमुख सचिव विधि मनीष ठाकुर भी मौजूद थे। गृह सचिव नेहा चंपावत और डीजीपी अरुण देव गौतम ने भी हिस्सा लिया।अधिकारियों ने लंबित प्रकरणों की स्थिति से समिति को अवगत कराया। साथ ही, पहले अनुशंसित मामलों में हुई प्रगति की जानकारी दी।
न्यायालय में लंबित मामलों पर जोर
समिति ने न्यायालय में लंबित मामलों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को इन प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई तेज करने की बात कही गई। इससे लंबित प्रकरणों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
प्रकरणवार समीक्षा से तय हुई आगे की दिशा
बैठक में सभी मामलों को अलग-अलग देखा गया। उनकी वर्तमान स्थिति और प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई। इसके बाद 9 मामलों की अनुशंसा की गई।
राजनीतिक प्रकरण वापसी की प्रक्रिया में 2 मामलों को पुनर्विचार के लिए जिलों को भेजा गया। बाकी मामलों पर समिति ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर निर्णय लिया।
नियमित समीक्षा पर दिया गया जोर
समिति ने पहले अनुशंसित मामलों की नियमित निगरानी पर जोर दिया। अधिकारियों से मामलों की प्रगति की जानकारी लेते रहने को कहा गया। बैठक में 16 प्रकरणों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। अब अनुशंसित मामलों में नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।