15 हजार से अधिक कैम्प, 9 लाख से अधिक गरीबों का हुआ मुफ्त इलाज

रायपुर। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना से गरीबों को उनके घरों के पास नि:शुल्क इलाज को लेकर एक साल में 9 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिल चुका है। योजना के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट गरीब बस्तियों में अस्पताल के रूप में पहचान बनाती जा रही है। स्लम बस्तियों में एमएमयू की बढ़ती आमद और समय पर लगने वाले कैम्प ने यहां रहने वाले गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को तुरंत इलाज कराने के लिए भी प्रेरित करने का काम किया है। पैसा न होने या फिर अस्पताल दूर होने की बात सोचकर जो बीमार व्यक्ति अस्पताल नहीं जा पाते थे। उन्हें घर के पास ही डॉक्टरों की टीम के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट के रूप में अस्पताल मिल गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 1 नवंबर 2020 को प्रदेश के 14 नगर पालिक निगमों में प्रारंभ हुई इस योजना से अभी तक 9 लाख 32 हजार से अधिक मरीजों को उपचार हो चुका है। उनके लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट किसी अस्पताल से कम नहीं है। इसमें डॉक्टर सहित दवाइयां, लैब जांच की व्यवस्था है। हमने कई बार बीमार होने पर एमएमयू-दाई-दीदी क्लीनिक में अपना उपचार कराया है। जब यहां आते हैं तो ऐसा लगता है कि हम अपने घर के पास ही किसी अस्पताल या क्लीनिक में आ गए हैं।

155 निकायों में विस्तार की तैयारी

स्लम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक अस्पताल के रूप में अपनी पहचान बना चुके मोबाइल मेडिकल यूनिट की लोकप्रियता और स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए इसके विस्तार की तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी निकायों में रहने वाले जरूरमंद और गरीब परिवारों का उपचार और भी आसान हो जाएगा। वर्तमान में 14 नगर पालिक निगम क्षेत्रों में 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही है। पहले चरण में रायपुर में 15, कोरबा में 8, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, जगदलपुर, अम्बिकापुर में 4-4, भिलाई में 3 और रिसाली, भिलाई चरोदा, धमतरी, बिरगांव, चिरमिरी में 2-2 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित है। दूसरे चरण में जिलावार 155 निकायों को भी इस योजना से लाभान्वित करने और 60 नए मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित करने की तैयारी की गई है। बलौदाबाजार भाटापारा,रायगढ़ में 4, रायपुर, कबीरधाम, राजनांदगांव, बालोद,बिलासपुर और कोरिया में 3-3 जांजगीर-चाम्पा में 6, बेमेतरा, दुर्ग, मुंगेली, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, कांकेर और दंतेवाड़ा में 2-2 ,गरियाबंद, कोरबा, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, सरगुजा, नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा सहित बीजापुर में 1-1 मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन कर योजना का विस्तार किया जा रहा है।

लैब टेस्ट से मरीजों को बड़ी राहत

किसी भी बीमारी के इलाज के लिए आमतौर पर चिकित्सक खून या यूरीन सहित अन्य प्रकार की जांच कराने की सलाह देते हैं। इस प्रकार की जांच में मरीजों को पैसे खर्च करने पड़ते हैं। पैसे के अभाव में भी कुछ मरीज उपचार कराने जाने से कतराते हैं। छत्तीसगढ़ की सरकार ने इन्हीं समस्याओं को देखते हुए मोबाइल मेडिकल यूनिट में नि:शुलक लैब टेस्ट की व्यवस्था भी की है। कैंप में पूरी टीम के साथ जांच की सुविधा भी उपलब्ध होती है।

41 प्रकार के टेस्ट की सुविधा

एमएमयू के माध्यम से 41 प्रकार के विभिन्न लैब टेस्ट किए जाते हैं। इनमें खून, मल-मूत्र, थूक, टीबी, थायराइड, मलेरिया, टाइफाइड आदि की जांच की जाती है। इसके साथ ही ब्लड-प्रेशर मापने की मशीन, शुगर टेस्ट की मशीन, ईसीजी मशीन, आक्सीजन सिलेण्डर आदि की भी व्यवस्था है। एमएमयू में पैरासिटामाल, ब्रूफेन, मेटफार्मिन, एटेनोलोल,बी-ामप्लेक्स,आयरन,फोलिकएसिड, सिफालेक्सिन, एमोक्सिसिलिन, लिमसी, ओआरएस, टिटेनस इंजेक्शन, रैबिज इंजेक्शन आदि दो सौ प्रकार की दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

सबसे अधिक रायपुर के लोगों का इलाज

1 नवम्बर 2020 को प्रदेश के 14 नगर पालिक निगम में शुरू हुई 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक लगभग 15 हजार 166 शिविर स्लम क्षेत्रों में लगाई गई है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट से 9.32 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। जिसमें रायपुर में सबसे अधिक 3975 शिविर में 2.36 लाख मरीज लाभान्वित हुए हैं और 2.13 लाख से अधिक मरीजों को दवा का वितरण किया गया है। कोरबा में 1831 कैंप में 1.11 लाख, बिलासपुर में 1063 कैंप में 82,367, दुर्ग में 1061 कैंप में 66,581 और राजनांदगांव में 1059 शिविर में 68,133 मरीज लाभान्वित हुए हैं। भिलाई में 794 कैंप में 54,945, रिसाली में 534 कैंप में 32,860 भिलाई चरोदा में 527 कैंप में 30,802, अंबिकापुर में 941 कैंप में 60,654, जगदलपुर में 992 कैंप में 48,969 रायगढ़ में 975 कैंप में 55,021, कोरिया चिरमिरी में 433 कैंप में 19,455, बीरगांव में 496 कैंप में 29,049 मरीज लाभान्वित हुए हैं।

प्रति एमएमयू 61 मरीजों को मिल रहा स्वास्थ्य लाभ

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्लम इलाकों में शिविर लगाकर मरीजों का इलाज एवं स्वास्थ्य जांच की जाती है। शिविर में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वाले मरीजों का औसत देखे तो प्रति एमएमयू 61 मरीजों को इसका लाभ मिल रहा है। दाई-दीदी क्लीनीक के माध्यम से प्रति एमएमयू 67 महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत संचालित दाई-दीदी क्लीनिक देश की ऐसी पहली योजना है जिसमें महिला चिकित्सक से लेकर अन्य सभी स्टाफ महिलाएं है। महिलाओं द्वारा महिलाओं के इलाज होने से स्लम सहित आसपास की महिलाएं बेझिझक अपना उपचार करा पाती है। दाई-दीदी क्लीनिक में 749 कैंपों में 50358 महिलाएं इससे लाभन्वित हुई है।