भाजपा की किसानों के प्रति अपमान हुआ उजागर
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के जगदलपुर में दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढिय़ा का अपमान है। किसानों का अपमान है। ये लोग नफरत की फसल उगा रहे हैं। उनके इस बयान के बाद पार्टी की ओर से कोई खंडन या माफीनामा नहीं आया। पूरी भाजपा यह सोचती है कि यह किसान, छत्तीसगढिय़ा नफरत के लायक है, इसका हम विरोध करते हैं। पूरी भाजपा छत्तीसगढिय़ों से माफी मांगे।
शनिवार को मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के नौ मंत्रियों के साथ कांगे्रस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकार वार्ता में चिंतिन शिविर को लेकर चर्चा करते हुए कहा कि तीन दिवसीय शिविर में भाजपा की चिंता बस्तर ,आदिवासियों और नक्सली समस्या नहीं बल्कि धर्मान्तरण, छत्तीसगढ़ सरकार और ओबीसी को साधने की थी। उनके एक प्रभारी ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और उनका किसान होना था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती माता कौशल्या, मिनीमाता की है, इसलिए नारियों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। पुरंदेश्वरी मेरे लिए सम्मानित हैं। एक तरफ भाजपा के एक प्रभारी सबसे बड़ी चुनौती किसान को कहते हैं, वहीं किसान का मुख्यमंत्री होने को सबसे बड़ी चुनौती मानते है। पुरंदेश्वरी कहती हैं कि पूरा मंत्रिमंडल उनके थूक से बह जाएगा। थूकने का मतलब है नफरत करना है, घृणा करना, इससे पता चलता है कि आपके मन में कितनी घृणा है।
पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों के प्रति घृणा
भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार किसानों की सरकार है, और इन्होंने किसानों पर थूकने की बात कही है। उनके बयान से पता चलता है कि किसानों के प्रति उनकी पार्टी की भावनाएं क्या है। भाजपा की पिछड़ों के प्रति, अल्पसंख्यकों के प्रति, अनुसूचित जाति- जनजाति के प्रति कितनी घृणा है, ये देखिये। किसानों के प्रति प्रभारी के मन में जो घृणा है, नफरत है उनके बयान से परिलक्षित होता है।
थूकना दंडनीय अपराध-अकबर
वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि पुरंदेश्वरी का बयान पूरी छत्तीसगढ़ की जनता का अपमान है। प्रदेश में पानी नहीं गिरा है, अकाल की स्थिति है, लेकिन इन्हें अपने सूखे की चिंता है। महामारी अधिनियम में थूकना दंडनीय अपराध है। थूकने के लिए प्रेरित करना अपराध है। अगर कलेक्टर ने संज्ञान ले लिया तो लेने के देने पड़ जाएंगे। इनको कांग्रेस की ताकत का अंदाज़ नहीं है, 15 साल की सरकार को 15 सीटों में समेट दिया। थूकने के माध्यम से गलत आकलन कर रहे हैं।
चिंतन में निकला केवल थूक-चौबे
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि ये भाजपा के निकृष्टम सोच की अंतिम पराकाष्ठा है। तीन दिन के चिंतन में मैं सोचता था, कुछ निकलेगा, लेकिन केवल थूक ही निकला। छत्तीसगढिय़ा लोग इसका शांतिपूर्ण ढंग से आने वाले समय मे प्रतिकार करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं कृषि मंत्री भी हूं और किसान भी हूं। चिंतन शिविर में किस बात की चिंता हुई ये समझने की बात है। नगरनार स्टील प्लांट बिकने वाला है, उस पर चर्चा तक नही होना? आर्थिक स्थिति को सुधारने की बात की चर्चा नहीं? ऐसे भाजपा के लोग हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए यह अपमान है। किसानों के प्रति इस तरह की सोच इनकी विचार को प्रदर्शित करती है।
कांग्रेस 5 को करेगी प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस भाजपा प्रभारी के बयान को लेकर 5 सितंबर को राजधानी रायपुर में प्रदर्शन कर विरोध करेगी।
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