रायपुर में होटल व्यवसाय से जुड़े दीपक टंडन और महिला डीएसपी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद अब एक बार फिर चर्चा में है। चेक बाउंस केस के दौरान दीपक टंडन द्वारा इंटरनेट मीडिया पर निजी चैट साझा किए जाने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के आरोपों का खंडन करते हुए अपनी-अपनी दलीलों और दस्तावेजों के साथ सामने आए हैं।

सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2021 में महासमुंद पोस्टिंग के दौरान दोनों की पहचान शुरू हुई थी, जो आगे चलकर व्यापारिक बातचीत और पारिवारिक परिचय तक पहुँच गई। वहीं, वर्ष 2023 में रायपुर के एक रेस्टोरेंट से संबंधित लगभग 45 लाख रुपये की डील ने विवाद की जड़ को और गहरा कर दिया।

व्यवसायी का कहना है कि उन्होंने आर्थिक सहयोग के रूप में राशि दी थी, जबकि दूसरी ओर डीएसपी परिवार का दावा है कि जिस राशि की बात हो रही है, वह रेस्टोरेंट के व्यावसायिक लेन-देन से जुड़ी थी और उससे संबंधित चेक बाउंस होने पर शिकायत दर्ज कराई गई।

दोनों पक्षों ने बैंक ट्रांजैक्शन, लिखित शिकायतें, चैट और सीसीटीवी जैसे दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने का दावा किया है। हालाँकि, अब तक किसी भी पक्ष के खिलाफ औपचारिक एफआईआर नहीं की गई है। कानूनी विशेषज्ञ इसे आपसी संबंधों, आर्थिक लेन-देन और भरोसे से जुड़े आरोपों का जटिल मामला मानते हैं, जिसकी जाँच समय ले सकती है।

वायरल चैट के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है और स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजरें आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।