रायपुर पुलिस ने तकनीक और टीमवर्क के समन्वय से एक और बड़ी सफलता अर्जित की है।
हाल ही में 250 खोए हुए मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये है,
पुलिस ने अलग-अलग राज्यों से खोजकर वास्तविक मालिकों को सौंप दिए हैं।
इस वर्ष 2025 में अब तक रायपुर पुलिस कुल 550 गुम मोबाइल खोज चुकी है,
जिनका कुल मूल्य 1.10 करोड़ रुपये से अधिक है।
यह उपलब्धि पुलिस की प्रगतिशील सोच, त्वरित कार्यवाही और डिजिटल नेटवर्किंग का सटीक उदाहरण है।
डॉ. लाल उमेद सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर के नेतृत्व में
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने
एक विशेष अभियान चलाया।
इस अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से
गुम मोबाइल फोन ट्रेस किए गए।
कई मामलों में फोन बंद कर दिए गए थे, फिर भी पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और IMEI ट्रैकिंग के माध्यम से
उनकी सटीक पहचान की।
कुछ मोबाइल कोरियर से वापस मंगवाए गए, जबकि कुछ फोन उनके मालिकों ने स्वयं लौटाए,
जिससे अभियान को और मजबूती मिली।
रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि
मोबाइल गुम होने पर तुरंत www.ceir.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें,
और पास के थाना या साइबर सेल से संपर्क करें।
इससे न केवल फोन की वापसी संभव होती है, बल्कि
अपराध में उनके दुरुपयोग की संभावना भी समाप्त होती है।
पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि
हर मोबाइल फोन को पासवर्ड, फिंगरप्रिंट या फेस लॉक से सुरक्षित रखें।
अगर किसी को लावारिस मोबाइल फोन मिले,
तो उसे साइबर सेल कार्यालय, सिविल लाइन रायपुर में जमा कराएं।
रायपुर पुलिस मोबाइल वापसी अभियान अब राज्य भर में
जनसेवा और ईमानदारी की पहचान बनता जा रहा है।
यह पहल न केवल तकनीक का उपयोग है,
बल्कि जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि भी है।
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
