रायपुर नगर निगम ने संपत्ति कर वसूली को लेकर नई रणनीति अपनाई है। शहर में ऐसे लगभग 1 लाख मकान मालिक हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों में टैक्स नहीं चुकाया। निगम अब इस बकाया टैक्स की वसूली के लिए तीन महीने का विशेष अभियान चला रहा है। इस योजना के अंतर्गत हर वार्ड में संपत्ति कर की सूची तैयार की जाएगी और प्लॉट या मकान मालिकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाएगा। सबसे अहम बात यह है कि अब संपत्ति का वास्तविक उपयोग भी जांचा जाएगा—क्या वह मकान रिहायशी उपयोग में है या व्यवसायिक।

नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संपत्ति का पूरा सत्यापन कर टैक्स निर्धारण करें। इस वेरिफिकेशन अभियान में निरीक्षक और सहायक निरीक्षक अहम भूमिका निभा रहे हैं।