रायपुर के लोक भवन में आयोजित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम में Ramen Deka ने गुजरात से छत्तीसगढ़ भ्रमण पर आए ‘माय भारत वॉलेंटियर्स’ से आत्मीय संवाद किया। यह कार्यक्रम Ministry of Youth Affairs and Sports के तहत संचालित ‘माय भारत युवा कार्यक्रम’ का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य राज्यों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करना है।

राज्यपाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के प्रति योगदान की भावना हर युवा के भीतर होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता, बुजुर्गों की सेवा और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग जैसी छोटी-छोटी पहलें भी बड़े बदलाव का आधार बनती हैं।

छत्तीसगढ़ की विरासत से कराया परिचय

अपने संबोधन में राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को रेखांकित किया। उन्होंने बस्तर स्थित प्रसिद्ध Chitrakote Falls का उल्लेख करते हुए इसे एशिया का नियाग्रा बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की 5000 वर्ष पुरानी संस्कृति और तेजी से हो रहा विकास इसे भविष्य का एजुकेशनल हब बनाने की दिशा में अग्रसर कर रहा है।

तकनीक और समय प्रबंधन पर विशेष जोर

राज्यपाल ने युवाओं को एआई और डिजिटल युग में सही-गलत की पहचान करने की सीख दी। उन्होंने मोबाइल और सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग, समय प्रबंधन और अपने जुनून को पहचानकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

राष्ट्रीय एकता की मिसाल

कार्यक्रम के दौरान “जय जोहार, जय छत्तीसगढ़” के उद्घोष से लोक भवन का वातावरण गूंज उठा। युवाओं ने Shaheed Veer Narayan Singh Tribal Museum का भ्रमण कर राज्य के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को जाना।

विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने छत्तीसगढ़ को “मिनी इंडिया” बताते हुए इसकी विविधता और सौहार्द की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने वाली इस पहल की प्रशंसा की।

गुजरात से आए युवाओं ने छत्तीसगढ़ के आतिथ्य और संस्कृति की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां का अपनापन और सेवा-सत्कार उनके लिए यादगार अनुभव रहा।

यह कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मंच बना, बल्कि युवाओं के भीतर राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर गया।