गरियाबंद का राजधानी से संपर्क कटा, रायपुर-जगदलपुर हाईवे भी बंद

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अब लोग भारी बारिश की वजह से लोग परेशान हैं। पिछले तीन दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। नदी-नाले उफान पर हैं। शहरों-गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर कई फीट तक पानी बह रहा है। गरियाबंद को रायपुर से जोडऩे वाले राजमार्ग को बंद कर दिया गया हैं। धमतरी के बाद रायपुर-जगदलपुर हाईवे को बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी बरसात और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। सात जिलों के लिए तो रेड अलर्ट जारी किया गया है।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, बालोद, दुर्ग और कांकेर जिलों और उनसे लगे जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बरसात की चेतावनी दी है। इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। वहीं रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, बलौदा बाजार, रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, नारायणपुर और कोण्डागांव जिलों में भारी वर्षा की कम स्तर की चेतावनी आई है।

कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में एक-दो स्थानों पर भी भारी बरसात की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग की यह चेतावनी अगले 24 घंटों के लिए है। इनमें से अधिकतर इलाकों में बाढ़ के हालात पहले से बने हुए हैं।
सिकासेर बांध के 22 में से 17 गेट खोले गए

भारी बारिश के बीच बांध भी उफान पर हैं। रात में प्रशासन ने सिकासेर बांध से 15 हजार क्यूसेक पानी छोडऩे का फैसला लिया है। प्रभारी अधिकारी उत्तम सिंह ध्रुव ने बताया कि बांध के 22 में से 17 गेट को खोल दिए गए हैं।वेस्ट वियर से भी पानी छोड़ा जा रहा है। बांध में लगे बिजली उत्पादन यूनिट को भी चालू कर दिया गया है। इससे पानी सीधे पैरी नदी में जाता है।

गरियाबन्द मुख्यालय में जेल रोड, महाविद्यालय, मजरकटा, पैरी कॉलोनी ,कोकड़ी आमदी के इलाके में घुटने भर से ज्यादा पानी भर गया है। वहीं, नदी किनारे बसे गांव पटोरा, चिखली, पाथर मोहन्दा, भिलाई, नहरगांव, मालगांव, बारूका, जलकुंभी, गाहदर में पानी घुस गया है। प्रशासन ने नदी के निचले हिस्सों में रहने वाले गांवों को खाली कराना शुरू किया है। प्रशासन को बाढग़्रस्त क्षेत्रों में राहत के लिए आदेश दिया गया है।

राजिम में कुलेश्वर महादेव मंदिर का चबूतरा डूबा

राजिम में त्रिवेणी संगम के बीच बना प्रसिद्ध कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पानी से घिर गया है। उसका चबूतरा करीब-करीब डूब चुका है। इसकी वजह से श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना बंद हो गया है। बताया जा रहा है- पिछले तीन-चार सालों में राजिम स्थित महानदी, सोंढुर और पैरी नदियों के पवित्र संगम में ऐसी बाढ़ नहीं आई थी। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग राजिम पुल पर पहुंचकर संगम में बाढ़ का नजारा देख रहे हैं।

कोरबा में पुल के ऊपर से बहा नाला

कोरबा जिले में सुबह से ही बारिश हो रही है। 24 घंटे में 20 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक करतला तहसील में 80 मिलीमीटर बारिश हुई है। जिसकी वजह से नदी नाले उफान पर है। घिनारा के पास नाला पुल के ऊपर पानी बह रहा है। यही हाल सिवनी से सुखरीकला मार्ग पर जमड़ी नाला पुल से 2 फीट ऊपर पानी बह रहा है।

जहां बचाव की जरूरत वहां टीम काम कर रही हैं

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति पर कहा- छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश हो रही है, इससे किसानों की चिंता दूर हो गई है। कुछ जगह बाढ़ की स्थिति है। बचाव के लिए टीमें भेज दी गई हैं। अधिकारी वहां की निगरानी कर रहे हैं। जब अचानक बहुत तेज बारिश हो तो कोई सिस्टम काम नहीं करेगा। ऐसे में जलभराव होता है, लेकिन स्थिति सामान्य भी बन जाती है। ऐसे वक्त पर लोगों को यात्रा नहीं करनी चाहिए।