इनामी नक्सली आत्मसमर्पण योजना के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है।
सरकार की पुनर्वास नीति और नियद नेल्लानार योजना का सकारात्मक असर दिखा है, जब 24 लाख के कुल इनामी 9 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

बड़े अपराधों में थे शामिल

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली फायरिंग, ब्लास्ट, और आगजनी जैसे संगीन अपराधों में लिप्त थे।
ये आत्मसमर्पण CRPF डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ।

सरकार द्वारा घोषित योजना के अंतर्गत सभी surrendered माओवादियों को ₹50,000 की सहायता राशि भी प्रदान की गई।

2025 में आत्मसमर्पण की बड़ी संख्या

इस वर्ष अब तक 277 नक्सली आत्मसमर्पण, 310 गिरफ्तारियां, और 131 मुठभेड़ों में मारे गए नक्सली यह दर्शाते हैं कि शासन की रणनीति सफल हो रही है।
यह आत्मसमर्पण सरकार की संवेदनशील नीति और संवाद आधारित रणनीति की जीत मानी जा रही है।

योजना से लौट रहे मुख्यधारा में

नियद नेल्लानार योजना का उद्देश्य नक्सल प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाना और पुनर्वास का अवसर देना है।
यह घटना उसी बदलाव का प्रतीक है, जो अब बस्तर जैसे इलाकों में भी महसूस किया जा रहा है।