रोलोवे बंदर की सर्जरी के बाद जन्मे बच्चे को गोद में लिए मादा बंदर

वन्यजीव संरक्षण की दुनिया से एक बेहद प्रेरक खबर सामने आई है. एक अत्यंत दुर्लभ रोलोवे बंदर की सर्जरी के कुछ महीनों बाद उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है. यह खबर इसलिए खास है, क्योंकि रोलोवे प्रजाति के बंदर दुनियाभर में सिर्फ कुछ हजार ही बचे हैं. डॉक्टरों और जीव विशेषज्ञों के लिए यह जन्म किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है.

रोलोवे बंदर की सर्जरी की पूरी कहानी

यह मादा बंदर, जिसका नाम मसाया है, एक चिड़ियाघर में रहती है. उसकी उम्र करीब 15 साल है. पिछले साल उसके पैर में गोल्फ बॉल जितनी बड़ी गांठ पाई गई थी. डॉक्टरों को डर था कि यह गांठ हटाने के लिए पैर का हिस्सा काटना पड़ सकता है. चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों और एक बड़े पशु अस्पताल के सर्जनों ने मिलकर एक जटिल ऑपरेशन किया.

पहली बार हुई ऐसी सर्जरी

इस प्रजाति के बंदर पर इस तरह की सर्जरी पहले कभी नहीं की गई थी. डॉक्टरों के सामने कोई पुराना उदाहरण या रेफरेंस मौजूद नहीं था. इसके बावजूद टीम ने बेहद सावधानी से ऑपरेशन किया. नतीजा यह रहा कि मसाया की एक उंगली को छोड़कर बाकी पूरा पैर बचा लिया गया.

सर्जरी के बाद कैसी रही रिकवरी

सर्जरी के बाद मसाया की रिकवरी को बेहद करीब से मॉनिटर किया गया. डॉक्टरों को उम्मीद नहीं थी कि वह इतनी जल्दी सामान्य जीवन में लौट आएगी. कुछ ही महीनों बाद उसके गर्भवती होने की खबर सामने आई, जिसने सबको चौंका दिया.

बच्चे के जन्म ने क्यों बढ़ाई उम्मीद

मसाया ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, जिसका नाम लागेर्था रखा गया है. जंगल में रोलोवे बंदरों की संख्या 2000 से भी कम बची है. यूरोप में इस प्रजाति की प्रजनन योग्य मादाएं बहुत कम हैं. अगर सर्जरी सफल नहीं होती, तो प्रजनन के लिए एक और मादा कम हो जाती, जो प्रजाति के लिए बड़ा नुकसान होता.

संरक्षण के लिए क्यों जरूरी है यह खबर

रोलोवे बंदर मूल रूप से पश्चिम अफ्रीका के घाना और आइवरी कोस्ट के जंगलों में पाए जाते हैं. लगातार जंगल कटने और शिकार की वजह से इनकी संख्या तेजी से घट रही है. ऐसे में चिड़ियाघरों में सफल प्रजनन इस प्रजाति को बचाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है. यह घटना दिखाती है कि आधुनिक पशु चिकित्सा विज्ञान लुप्तप्राय प्रजातियों को बचाने में कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है.

विशेषज्ञों की क्या है राय

जीव विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना भविष्य में ऐसी ही मुश्किल सर्जरी के लिए एक मिसाल बन सकती है. अगर एक जानवर की जान बचाकर उसे प्रजनन के काबिल रखा जा सके, तो यह पूरी प्रजाति के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. मां और बच्चे दोनों की सेहत फिलहाल अच्छी बताई जा रही है.

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