बुधवार को वैश्विक बाजारों में सतर्कता के माहौल के बीच भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेज दबाव में आ गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 31 पैसे गिरकर 91.28 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का सर्वकालिक निचला स्तर है।
🔹 शुरुआती सत्र में कैसी रही चाल
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 91.05 पर खुला, लेकिन डॉलर की मजबूत मांग के चलते जल्द ही 91.28 तक फिसल गया। इससे पहले मंगलवार को भी रुपया 7 पैसे टूटकर 90.97 पर बंद हुआ था, जिसने पहले ही कमजोरी के संकेत दे दिए थे।
🔹 वैश्विक अनिश्चितता से क्यों बढ़ा दबाव
फॉरेक्स बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिका की आक्रामक व्यापार नीति और संभावित ट्रेड वॉर की आशंकाओं ने निवेशकों को जोखिम भरे सौदों से दूर कर दिया है। इसका असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर साफ दिखाई दे रहा है।
🔹 विशेषज्ञों की नजर आगे के स्तरों पर
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक अमित पबारी के मुताबिक, यदि रुपया 91.07 के ऊपर कमजोर बना रहता है, तो इसमें और गिरावट आकर यह 91.70 से 92.00 के दायरे तक जा सकता है। हालांकि, आरबीआई के हस्तक्षेप से गिरावट पर कुछ हद तक ब्रेक लग सकता है।
🔹 सपोर्ट लेवल कहां
विश्लेषकों के अनुसार, किसी भी सुधार की स्थिति में 90.30 से 90.50 का स्तर रुपये के लिए शुरुआती समर्थन क्षेत्र बन सकता है।
🔹 डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल का हाल
इस दौरान डॉलर इंडेक्स छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले 0.05 प्रतिशत गिरकर 98.59 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.11 प्रतिशत गिरकर 64.20 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
🔹 शेयर बाजार और एफआईआई फैक्टर
घरेलू शेयर बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 385 अंक गिरकर 81,794 पर आ गया, जबकि निफ्टी 91 अंक फिसलकर 25,141 के स्तर पर पहुंच गया।
एक्सचेंज आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को 2,938 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जिससे रुपये पर अतिरिक्त दबाव बना।
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