जिला राजनांदगांव के नक्सल प्रभावित विकासखंड छुईखदान के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम बकरकट्टा एवं ग्राम याम्ही में सौर सुजला योजना ग्रामीण क्षेत्र के किसानों के लिए परिणाममूलक साबित हो रही है। योजना के तहत न सिर्फ पुरूष कृषक बल्कि महिला कृषकों को भी भरपूर फायदा मिल रहा है।
श्रीमती फुलबासन बाई सोलर पंप की स्थापना के पहले इन क्षेत्रों में निवासरत कृषकों की स्थिति को बताते हुए कहती है कि पहले उनकी ही तरह सभी किसान बारिश के मौसम में उपलब्ध होने वाले वर्षा का जल ही एकमात्र विकल्प होने के कारण कृषकों द्वारा सालभर में केवल एक फसल ही ली जाती थी। कभी-कभी अल्पवृष्टि होने पर कृषकों को एक फसल लेने के लिए भी काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था तथा कभी-कभी पानी कम गिरने से पूरी फसल भी खराब हो जाती थी। लेकिन अब सोलर पंप लग जाने से सिंचाई की सुविधा बढ़ी है और वे वर्ष में दो फसल ले पा रही हैं। उन्होंने बताया कि वे सोलर पंप से 5 एकड़ खेत में धान की फसल ले रही है।
क्या है सौर सुजला योजना, योजना के तहत सोलर पम्पों की रियायती दरें….कैसे करें पंजीकरण
श्रीमती निराषा बाई ने बताया कि सौर सुजला योजना के तहत सोलर पंप की स्थापना के बाद अब वे एक वर्ष में कम से कम तीन फसल लेने की क्षमता रखती है। 2 से 3 फसल लेने से उनकी आय में वृद्धि हुई है तथा आर्थिंक मजबूत बनी है। सौर सुजला योजना का लाभ लेने से बिजली पर निर्भरता समाप्त हो जाती है। निराषा बाई सोलर पंप से 2 एकड़ में धनिया फसल एवं 2.5 एकड़ में धान की फसल का उत्पादन कर रही है। सोलर पंप स्थापना से दोनों हितग्राही संतुष्ट है।
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