सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति का सबसे पवित्र समय माना जाता है. सावन सोमवार व्रत 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है. इस साल सावन सोमवार व्रत की तारीखें अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग पंचांग के कारण अलग हैं. हालांकि, ज्यादातर उत्तर भारतीय राज्यों में यह जानकारी एक जैसी रहती है. इस लेख में हम पूरी डिटेल आसान भाषा में बता रहे हैं.
सावन सोमवार व्रत 2026 कब से शुरू होगा
उत्तर भारत में पूर्णिमांत पंचांग का पालन होता है. इसके अनुसार सावन का महीना 30 जुलाई 2026, गुरुवार से शुरू होगा. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में यही तारीख मान्य होगी. इसके अलावा, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में अमांत पंचांग चलता है. इन राज्यों में सावन 13 अगस्त 2026 से शुरू होगा. नतीजतन, व्रत की तारीखें भी वहां अलग होंगी.
सावन सोमवार व्रत 2026 की पूरी तारीख लिस्ट
उत्तर भारतीय पंचांग के अनुसार इस साल चार सोमवार व्रत आएंगे. सूची इस प्रकार है:
- पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026 (नाग पंचमी का भी संयोग)
- चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026
दक्षिण भारत और महाराष्ट्र-गुजरात क्षेत्र में सावन 13 अगस्त से 11 सितंबर 2026 तक रहेगा. वहां के सोमवार व्रत की तारीखें स्थानीय पंचांग के हिसाब से अलग तय होती हैं. इसलिए पाठकों को अपने क्षेत्र के पंचांग के अनुसार तारीख जरूर जांचनी चाहिए.
सावन सोमवार 2026 पूजा मुहूर्त
सोमवार व्रत में पूजा का समय बहुत मायने रखता है. आमतौर पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना शुभ माना जाता है. इसके बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाता है. साथ ही, प्रदोष काल यानी शाम के समय भी पूजा करना फलदायी माना जाता है. हालांकि, सटीक मुहूर्त हर तारीख के लिए स्थानीय पंचांग से जरूर जांचें, क्योंकि यह सूर्योदय और नक्षत्र के अनुसार बदलता है.
सावन सोमवार व्रत विधि
व्रत की विधि सरल है, लेकिन नियमों का पालन जरूरी है. नीचे दिए स्टेप्स फॉलो करें:
- सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करें.
- साफ वस्त्र पहनें, संभव हो तो सफेद या भगवा रंग चुनें.
- शिवलिंग पर शुद्ध जल या गंगाजल अर्पित करें.
- बेलपत्र, धतूरा, फूल और फल चढ़ाएं.
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें.
- दिनभर फलाहार या सात्विक भोजन लें.
- शाम को आरती के बाद व्रत खोलें.
इसके अलावा, कई श्रद्धालु पूरे दिन निर्जला व्रत भी रखते हैं. यह पूरी तरह व्यक्ति की सेहत और क्षमता पर निर्भर करता है. इसलिए किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में व्रत से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
सावन सोमवार व्रत का महत्व
सावन सोमवार व्रत को लेकर धार्मिक मान्यता है कि यह भगवान शिव को अति प्रिय है. सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए यह व्रत रखती हैं. वहीं, अविवाहित लड़कियां अच्छे जीवनसाथी की कामना से व्रत करती हैं. इसके अलावा, यह भी माना जाता है कि इस दौरान की गई पूजा से घर में सुख-शांति आती है. साथ ही, सावन महीने में कांवड़ यात्रा भी बड़े पैमाने पर होती है, जो शिव भक्ति का एक और प्रमुख हिस्सा है.
सावन सोमवार 2026: जरूरी बातें एक नजर में
- उत्तर भारत में सावन: 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक.
- दक्षिण व पश्चिम भारत में सावन: 13 अगस्त से 11 सितंबर 2026 तक.
- कुल चार सोमवार व्रत (क्षेत्र के अनुसार तारीखें अलग).
- तीसरा सोमवार नाग पंचमी के साथ पड़ रहा है.
- व्रत विधि सभी राज्यों में लगभग समान रहती है.
अंत में, सावन सोमवार व्रत 2026 श्रद्धा और अनुशासन का प्रतीक है. सही तारीख जानकर और सरल विधि अपनाकर श्रद्धालु आसानी से यह व्रत रख सकते हैं. फिर भी, अपने क्षेत्र के पंचांग से तारीख की पुष्टि जरूर करें, क्योंकि क्षेत्रीय भिन्नता व्रत की सटीक तारीख को प्रभावित करती है.
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