भारतीय खाद्य उद्योग को एक बड़ा झटका लगा है। Shiv Ratan Agarwal, जिन्होंने पारंपरिक भारतीय स्वाद को वैश्विक पहचान दिलाई, अब हमारे बीच नहीं रहे। 74 वर्षीय उद्योगपति ने Chennai में अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ ही भारतीय पैकेज्ड फूड सेक्टर के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हो गया।

बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से चेन्नई में रह रहे थे, जहां उनकी पत्नी का इलाज चल रहा था। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

Shiv Ratan Agarwal का जीवन संघर्ष, दूरदृष्टि और नवाचार का प्रतीक रहा है। वह उस परिवार से आते थे जिसने Haldiram’s जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड की नींव रखी। Ganga Bishan Haldiram के पोते होने के बावजूद उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाने का रास्ता चुना।

उन्होंने 1986 में अपना कारोबार शुरू किया और फिर 1993 में Bikaji Foods International की स्थापना की। उनका लक्ष्य स्पष्ट था—बीकानेर के पारंपरिक स्वाद, विशेष रूप से भुजिया, को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना। उनकी इसी सोच और मेहनत का परिणाम है कि आज बिकाजी भारतीय स्नैक इंडस्ट्री का एक प्रमुख नाम बन चुका है।

Bikaji Foods International ने न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई। आधुनिक पैकेजिंग, गुणवत्ता और पारंपरिक स्वाद के संयोजन ने इसे उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय बना दिया।

उनके नेतृत्व में कंपनी ने कई नए उत्पाद लॉन्च किए और रेडी-टू-ईट फूड सेगमेंट में भी अपनी जगह बनाई। उन्होंने यह साबित किया कि यदि दृष्टिकोण स्पष्ट हो, तो एक क्षेत्रीय उत्पाद भी वैश्विक ब्रांड बन सकता है।

उनके निधन पर Ashok Gehlot समेत कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिव रतन अग्रवाल ने बीकानेरी भुजिया को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाकर राजस्थान और देश का गौरव बढ़ाया।

Shiv Ratan Agarwal की विरासत आने वाले उद्यमियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। उनका जीवन यह सिखाता है कि परंपरा और नवाचार का सही संतुलन सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।