स्मार्ट सिटी करबला तालाब के सौंदर्यीकरण का सपना अब जनता के लिए परेशानी का कारण बन गया है।

राजधानी रायपुर के चौबे कॉलोनी के पास गीता नगर में स्थित ऐतिहासिक करबला तालाब की हालत बिगड़ती जा रही है।

तालाब के किनारे बनाए गए पाथवे की ज़मीन धंस चुकी है और बाउंड्रीवाल टूटकर तालाब में गिर रही है।

करीब 4 से 5 साल पहले रायपुर नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत तालाब पर डेढ़ करोड़ से अधिक राशि खर्च हुई थी।

इस बजट में तालाब का गहरीकरण, टापू निर्माण, पेवर ब्लॉक और बाउंड्रीवाल शामिल थे। परंतु निर्माण में तकनीकी सावधानी नहीं बरती गई।

स्मार्ट सिटी करबला तालाब की बाउंड्रीवाल बिना कॉलम और बीम के बनाई गई थी, जो अब लगातार कमजोर होती जा रही है।

बिना मजबूती के बनाई गई दीवारें आज तालाब की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी हैं। पाथवे भी अब उपयोग लायक नहीं रहा।

पिछले दिनों रायपुर पश्चिम के विधायक डॉ. राजेश मूणत ने निरीक्षण कर पूरे कार्य की समीक्षा की थी।

उन्होंने निर्देश दिए कि तालाब को फिर से लगभग ₹2 करोड़ की लागत से संवारा जाएगा और अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।

इस बार निर्माण कार्य में मजबूत नींव और टिकाऊ संरचना पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

स्मार्ट सिटी करबला तालाब की यह स्थिति दिखाती है कि बिना गुणवत्ता के निर्माण, जनता और सरकार दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।