बड़ी खबर। आपको बता दें गरियाबंद जिले की पुलिस कप्तान पारुल माथुर का प्रमोशन हुआ है, अब वो एसएसपी बन चुकी है, प्रदेश के नए डीजीपी अशोक जुनेजा ने उन्हें स्टार लगाकर बधाई दिया है।

गरियाबंद पुलिस कप्तान पारुल माथुर को उनके बेहतर पुलिसिंग के लिए जाना जाता है, जनता के साथ जुड़ाव के साथ साथ साथी पुलिसकर्मियों के साथ भी बेहतर तालमेल कर जिले की कानून व्यवस्था को बेहतर तरीके से बनाये रखा है, साथ ही गरियाबंद जिले में पदस्थ होने के बाद से ही एसएसपी पारुल माथुर अपराध पर अंकुश लगाने की पुरजोर कोशिश में लगी हुई है, और उन्हें सफलता भी हासिल हुई है, लगातार अवैध मादक पदार्थ के तस्करों के खिलाफ हुई कार्यवाही हो या हीरे की तस्करी करने वालों के खिलाफ की गई कार्यवाही ये बताती है, कि जिले में पुलिस कप्तान पारुल माथुर के आने के बाद तस्करों के हौसले पस्त हो चुके है।

अवैध कारोबार करने वाले लोगों के खिलाफ भी उन्होंने पहले दिन ही अपने इरादे साफ कर दिए थे, जिसका असर भी देखने को मिला है, बात धार्मिक स्थल को सुरक्षा प्रदान करने की बात हो तो उसमें भी एसएसपी पारुल माथुर ने जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल राजीव लोचन मंदिर, जतमई माता मंदिर, घटारानी मंदिर, और चिंगरापगार में टूरिस्टों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पुलिस जवान की तैनाती की गई है, पुलिस कप्तान के इस फैसले को प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी सराहा है।

प्रदेश में पारुल माथुर को एसएसपी बनाने के साथ ही प्रशांत अग्रवाल को भी एसएसपी बनाया गया है, वही दुर्ग रेंज के प्रभारी आईजी ओपी पाल, पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एससी द्विवेदी को आईजी और बिलासपुर एसएसपी दीपक झा को डीआईजी प्रमोट किया गया है। 

इस मौके पर एडीजी प्रशासन हिमांशु गुप्ता, एडीजी प्रदीप गुप्ता, खुफिया चीफ डॉ आंनद छाबड़ा उपस्थित रहे।