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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिले का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री शबरीनगर, श्रीनगर और लाइनपारा पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात भी की।

मुख्यमंत्री ने परिवारों से बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संकट में सरकार प्रभावित लोगों के साथ है। अधिकारियों को सहायता जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

राहत शिविर में व्यवस्थाओं की जानकारी ली

मुख्यमंत्री शबरीनगर के राहत एवं स्वास्थ्य शिविर पहुंचे। उन्होंने भोजन और पेयजल की व्यवस्था देखी। स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी ली। इसके बाद उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने शिविर में लोगों को स्वयं भोजन परोसा। उन्होंने परिवारों की जरूरतों को समझने की कोशिश की। इससे प्रभावित लोगों का हौसला बढ़ा।

नुकसान का जल्द किया जाएगा आकलन

बाढ़ से कई परिवारों के मकान और सामान प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने नुकसान का प्राथमिकता से आकलन करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को प्रक्रिया में देरी नहीं करने के निर्देश दिए।

पात्र परिवारों को आरबीसी 6-4 के तहत सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने क्षतिपूर्ति राशि जल्द देने पर जोर दिया। सरकार ने राहत के साथ पुनर्वास तेज करने की बात कही।

300 परिवारों को मिलेगी 10 हजार की अतिरिक्त मदद

सुकमा बाढ़ राहत के तहत करीब 300 परिवारों को अतिरिक्त सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे। यह सहायता आरबीसी 6-4 की राशि से अलग होगी।

यह मदद उन परिवारों के लिए है। इनके घरेलू सामान और संपत्ति को नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने पात्र परिवारों तक राशि जल्द पहुंचाने को कहा।

कोंटा में 19 राहत केंद्रों की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कोंटा क्षेत्र में भी हालात देखे। लगातार बारिश से शबरी नदी का जलस्तर बढ़ा था। इससे कई गांवों में पानी भर गया था।

कोंटा नगर पालिका के चार वार्ड भी प्रभावित हुए थे। प्रभावित लोगों के लिए 19 राहत केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी रखा गया ध्यान

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय हैं। लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के प्रयास जारी हैं।

पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन भी कराया जा रहा है। साथ ही स्वच्छता व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। जरूरतमंद परिवारों को सूखा राशन भी दिया जा रहा है।

राहत के बाद पुनर्वास पर जोर

मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों के साथ पुनर्वास तेज करने को कहा। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन में लौटाने पर जोर दिया। अधिकारियों को संवेदनशीलता से काम करने के निर्देश मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई पात्र परिवार सहायता से वंचित नहीं रहे। क्षति आकलन और सहायता वितरण जल्द पूरा होना चाहिए। सरकार ने प्रभावित परिवारों की जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात कही।

सरकार ने समय पर सहायता का भरोसा दिया

सुकमा बाढ़ राहत के दौरान प्रशासन लगातार प्रभावित परिवारों की मदद कर रहा है। राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था भी सक्रिय रखी गई है।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।



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