राज्य सरकार ने सुशासन अभियान के रूप में सुघ्घर छत्तीसगढ़ कार्यक्रम की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के हर पात्र परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शासन की सफलता तभी मानी जाएगी जब उसका सकारात्मक प्रभाव आम नागरिकों के जीवन में दिखाई दे। इसी सोच के साथ इस अभियान को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
सुशासन अभियान के अंतर्गत ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष संतृप्तिकरण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा। सरकार का प्रयास है कि लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके पास पहुंचे और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराए।
योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर
इस सुशासन अभियान के तहत 31 महत्वपूर्ण योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला कल्याण और कृषि से जुड़ी योजनाएं प्रमुख हैं। विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की जाएगी ताकि लाभार्थियों को समय पर लाभ प्राप्त हो सके।
डिजिटल डैशबोर्ड से होगी निगरानी
सुशासन अभियान को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए CHiPS द्वारा डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म पर योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों की संख्या और संतृप्ति की स्थिति उपलब्ध रहेंगी। इससे प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी और योजनाओं की निगरानी अधिक सटीक तरीके से हो सकेगी।
विकसित राज्य के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन अभियान विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगा। प्रत्येक पात्र परिवार को योजनाओं से जोड़ने की यह पहल सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति देगी। सरकार का विश्वास है कि इस अभियान से प्रदेश में सुशासन और जनविश्वास दोनों को मजबूती मिलेगी।
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