अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अम्बिकापुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम स्वस्थ आयु योग में हजारों नागरिकों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सामूहिक योगाभ्यास कर लोगों को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जो आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और मानसिक शांति का पर्याय बन चुकी है। योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं बल्कि जीवन को संतुलित बनाने की संपूर्ण प्रक्रिया है।
बदलती जीवनशैली में योग की बढ़ती जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण तनाव, अनिद्रा, मधुमेह और मोटापे जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में स्वस्थ आयु योग की अवधारणा बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। योग व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। नियमित योगाभ्यास से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और व्यक्ति सकारात्मक सोच के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना कर पाता है।
भारतीय संस्कृति की अमूल्य विरासत
मुख्यमंत्री ने महर्षि पतंजलि और भगवान शिव का उल्लेख करते हुए कहा कि योग भारत की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता के माध्यम से कर्मयोग और ज्ञानयोग का संदेश दिया था। योग की यही परंपरा आज विश्वभर में लोगों को स्वस्थ जीवन की प्रेरणा दे रही है। भारत की यह विरासत अब वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुकी है।
योग को जनआंदोलन बनाने की तैयारी
राज्य सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कई पहल कर रही है। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक संस्थानों में योग गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने से अनुसंधान और प्रशिक्षण को नई गति मिलेगी। इससे समाज में योग के प्रति जागरूकता और अधिक बढ़ेगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना योग
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को मानसिक मजबूती और बेहतर करियर निर्माण के लिए योग अपनाना चाहिए। योग से अनुशासन और एकाग्रता विकसित होती हैं, जो सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने युवाओं को नियमित योगाभ्यास करने और स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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