जशपुर जिले के तपकरा गांव में पेयजल संकट दूर हुआ है। करीब 200 परिवारों को इससे राहत मिली है। यह शिकायत समाधान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से संभव हुआ। ग्रामीण ने पानी की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
फरसाबहार विकासखंड के तपकरा में करीब 15 दिनों से पानी की परेशानी थी। मोटर और पाइपलाइन खराब होने से जलापूर्ति प्रभावित थी। इससे गांव के कई परिवारों को दैनिक जरूरतों के लिए परेशानी हुई।
शिकायत समाधान के बाद बहाल हुई जलापूर्ति
ग्राम निवासी ओम प्रकाश ने 26 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 पर अपनी समस्या बताई। शिकायत में गांव की पेयजल व्यवस्था बाधित होने की जानकारी दी गई।
शिकायत दर्ज होने के बाद मामला संबंधित विभाग तक पहुंचाया गया। स्थानीय अमले को भी समस्या की जानकारी दी गई। इसके बाद समस्या दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू हुई।
ग्राम पंचायत ने रेट्रो जल प्रदाय योजना के तहत नया मोटर लगाया। मोटर लगने के बाद गांव में जलापूर्ति दोबारा शुरू हुई। इससे करीब 200 घर-परिवारों को राहत मिली।
शिकायत समाधान की हुई पुष्टि
नया मोटर लगने के बाद शिकायत समाधान की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद शिकायतकर्ता ओम प्रकाश से संपर्क किया गया। उनसे समस्या दूर होने की जानकारी भी ली गई।
शिकायतकर्ता की संतुष्टि की पुष्टि के बाद कार्रवाई पूरी मानी गई। इससे समाधान की प्रक्रिया में फीडबैक का महत्व सामने आता है। साथ ही, विभागीय कार्रवाई की जवाबदेही भी बनी रहती है।
एक फोन से विभाग तक पहुंची समस्या
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 नागरिकों के लिए सीधा संवाद माध्यम है। लोग फोन के जरिए अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद शिकायत संबंधित विभाग तक भेजी जाती है।
तपकरा का मामला इसी व्यवस्था का उदाहरण बना है। पानी की समस्या सामने आने के बाद कार्रवाई की गई। वहीं, समाधान के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया गया।
इस तरह शिकायत समाधान केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। समस्या दूर होने की पुष्टि भी की गई। इससे नागरिकों की शिकायतों पर निगरानी रखने में मदद मिलती है।
पेयजल समस्या दूर होने से ग्रामीणों को राहत
तपकरा में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। मोटर खराब होने के कारण नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही थी। इससे करीब 200 परिवार प्रभावित थे।
नया मोटर लगने के बाद व्यवस्था सामान्य हुई। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी मिलने लगा। इससे परिवारों की परेशानी कम हुई।
जवाबदेही के साथ आगे बढ़ रहा समाधान
शिकायत समाधान के बाद फीडबैक लेने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। इससे शिकायतकर्ता की वास्तविक स्थिति सामने आती है। साथ ही, संबंधित विभाग की कार्रवाई की पुष्टि होती है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद विभागीय स्तर पर निराकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। तपकरा की घटना में यह प्रक्रिया प्रभावी रूप से पूरी हुई।
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