“छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रिक व्हीकल कॉन्क्लेव” विषय पर वेबीनार का आयोजन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के परिवहन मंत्री मो. अकबर ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन और सौर ऊर्जा का उपयोग कैसे बढ़ाया जाए यह समय की मांग है। प्रदेश में 3058 इलेक्ट्रॉनिक वाहन है। प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए इसमें नियंत्रण और कमी करना ज़रूरी है। औद्योगिक इकाइयों को बुलाएं, वो इलेक्ट्रॉनिक वाहन और सौर ऊर्जा के लिए प्लांट लगाए। छत्तीसगढ़ में बैटरी चलित गाड़ियों को बढ़ाना होगा क्योंकि पेट्रोल-डीज़ल की खपत की मात्रा काफी ज़्यादा है।
परिवहन विभाग द्वारा मंगलवार को इलेट्स टेक्नोमीडिया के सहयोग से “छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रिक व्हीकल कॉन्क्लेव” विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव को अवतार नामक वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर होस्ट किया गया। मंत्री श्री अकबर इसमें वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
ई-मोबिलिटी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने का ध्येय
वेबीनार में छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों और बुनियादी ढांचे की दृष्टि से इस मिशन को बढ़ावा देने की महत्वाकांक्षी योजना पर चर्चा की गई। यह वर्चुअल इवेंट उद्योग और नागरिकों को इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति सरकार की नीतियों के बारे में जागरूक करने के लिए एक मंच तैयार करेगा। इसका उद्देश्य राज्य में ई-मोबिलिटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना है। वेबीनार में देश के कई प्रमुख ई-वाहन कंपनियों के विशेषज्ञ हिस्सा लिया।
सरकार करेगी सहयोग
परिवहन मंत्री श्री अकबर ने इस अवसर पर कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन और सौर ऊर्जा की निर्माण एजेंसी नहीं है। राज्य सरकार से सब्सिडी और अनुदान की ज़मीन की ज़रूरत पड़ेगी, तो उसे दी जाएगी। जो उद्योग लगाना चाहते हैं। चार्जिंग स्टेशन के लिए सरकार मदद करेगी। उन्होंने कहा कि सिस्टम पेपरलेस हो जाए यह कोशिश है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन की एजेंसी स्थापित करना चाहते हैं, तो सरकार मदद करेगी। ऊर्जा के लिए कोई निवेश करना चाहता है, तो सब्सिडी दी जाएगी। राज्य सरकार आगे बढ़कर सहयोग करेगी। उन्हें छत्तीसगढ़ में आमंत्रित करते हैं।


