कैरोलिना मुचोवा और याकुब मेंसिक ने यूएस ओपन खिताब अपने नाम कर लिया। चेक गणराज्य की जोड़ी ने मिश्रित युगल फाइनल में शानदार खेल दिखाया। उन्होंने बेलिंडा बेनसिच और फ्लावियो कोबोली को शिकस्त दी।
फाइनल में मुचोवा और मेंसिक ने 6-3, 1-6, 10-6 से जीत दर्ज की। मुकाबला आर्थर ऐश स्टेडियम में खेला गया। यह दोनों खिलाड़ियों का किसी भी वर्ग में पहला ग्रैंड स्लैम खिताब है।
पहले सेट में चेक जोड़ी का दबदबा
मुकाबले की शुरुआत मुचोवा और मेंसिक ने आक्रामक अंदाज में की। मेंसिक की सर्विस ने विपक्षी जोड़ी पर दबाव बनाया। चेक खिलाड़ियों ने पहला सेट 6-3 से अपने नाम किया।
दूसरे सेट में बेनसिच और कोबोली ने जोरदार वापसी की। उन्होंने लगातार बेहतर खेल दिखाया। स्विस-इतालवी जोड़ी ने दूसरा सेट 6-1 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।
निर्णायक टाईब्रेक में दिखा दम
दूसरे सेट के बाद मुकाबला मैच टाईब्रेक में पहुंच गया। यहां दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। मुचोवा और मेंसिक ने अहम मौकों पर शानदार अंक हासिल किए।
मेंसिक की तेज सर्विस और नेट प्ले ने अंतर पैदा किया। चेक जोड़ी ने निर्णायक टाईब्रेक 10-6 से जीत लिया। मेंसिक ने ऐस लगाकर मुकाबले का अंत किया।
यूएस ओपन खिताब से पहले बचाए दो मैच प्वाइंट
फाइनल से पहले मुचोवा और मेंसिक का सेमीफाइनल भी बेहद रोमांचक रहा। उनका सामना मिर्रा आंद्रीवा और आंद्रे रुबलेव से हुआ था।
चेक जोड़ी एक समय हार के करीब पहुंच गई थी। उन्होंने दो मैच प्वाइंट बचाए। इसके बाद लगातार चार अंक जीतकर मुकाबला अपने पक्ष में किया। निर्णायक टाईब्रेक में उन्होंने 11-9 से जीत दर्ज की।
बेनसिच और कोबोली ने भी दी कड़ी चुनौती
बेलिंडा बेनसिच और फ्लावियो कोबोली ने भी फाइनल तक शानदार प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल में दोनों ने एलिना स्वितोलिना और गेल मोनफिल्स को हराया था।
बेनसिच और कोबोली ने यह मुकाबला 4-5, 4-1, 10-5 से जीता। इसके साथ उन्होंने फाइनल में जगह बनाई। उनकी जोड़ी ने टूर्नामेंट में कई मजबूत खिलाड़ियों को चुनौती दी।
फाइनल से जुड़े प्रमुख आंकड़े:
- पहला सेट मुचोवा-मेंसिक ने 6-3 से जीता।
- दूसरा सेट बेनसिच-कोबोली ने 6-1 से जीता।
- निर्णायक टाईब्रेक 10-6 से चेक जोड़ी ने जीता।
- मेंसिक ने फाइनल में कई प्रभावी सर्विस की।
- दोनों चैंपियनों ने पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता।
यूएस ओपन खिताब के साथ मिली बड़ी इनामी राशि
मुचोवा और मेंसिक की जोड़ी को चैंपियन बनने पर 10 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि मिली। इस प्रतियोगिता का प्रारूप भी पारंपरिक मिश्रित युगल से अलग था।
टूर्नामेंट में छोटे सेट और मैच टाईब्रेक का इस्तेमाल किया गया। इसका उद्देश्य दर्शकों के लिए मुकाबलों को तेज और आकर्षक बनाना था। इस नए प्रारूप में कई शीर्ष एकल खिलाड़ी भी शामिल हुए।
यूएस ओपन खिताब जीतकर बढ़ा आत्मविश्वास
मुचोवा और मेंसिक की जोड़ी ने टूर्नामेंट में लगातार दबाव झेला। इसके बावजूद दोनों ने अहम मौकों पर संयम बनाए रखा। सेमीफाइनल में वापसी के बाद फाइनल जीतना उनकी मानसिक मजबूती दिखाता है।
यह जीत दोनों खिलाड़ियों के लिए खास है। अब वे अपने एकल मुकाबलों में भी इस प्रदर्शन का आत्मविश्वास साथ लेकर उतरेंगे।
नए प्रारूप ने बढ़ाया टूर्नामेंट का रोमांच
इस साल मिश्रित युगल प्रतियोगिता को नए अंदाज में आयोजित किया गया। मुकाबलों में छोटे सेट और नो-एड स्कोरिंग का इस्तेमाल हुआ। तीसरे सेट की जगह 10 अंकों का मैच टाईब्रेक रखा गया।
इस बदलाव के कारण मुकाबले कम समय में निर्णायक स्थिति तक पहुंचे। प्रतियोगिता में कई बड़े एकल सितारों ने भी हिस्सा लिया। इससे मुख्य एकल मुकाबलों से पहले यूएस ओपन के माहौल में उत्साह बढ़ा।
कुल मिलाकर, मुचोवा और मेंसिक ने यादगार जीत दर्ज की। दोनों ने मुश्किल परिस्थितियों में शानदार तालमेल दिखाया। अब इस जीत के बाद उनकी नजर एकल प्रतियोगिता पर रहेगी।
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