1. अदालत का निर्णय

Supreme Court of the United States ने आपात आर्थिक शक्तियों के तहत लगाए गए टैरिफ को संविधान के विपरीत माना। मुख्य न्यायाधीश John Roberts सहित बहुमत ने कहा कि कराधान संबंधी अधिकार कांग्रेस के पास है।

2. रिफंड और कानूनी प्रक्रिया

फैसले के बाद आयातकों द्वारा चुकाए गए अतिरिक्त शुल्क की वापसी का मार्ग खुला है। मामला अब अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड को भेजा गया है, जहां व्यक्तिगत दावों की सुनवाई होगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है।

3. नया 10% टैरिफ

फैसले के तुरंत बाद Donald Trump ने धारा 122 के तहत 10 प्रतिशत अस्थायी वैश्विक आयात शुल्क लागू किया। यह अधिकतम 150 दिनों तक प्रभावी रह सकता है।

4. भारत पर प्रभाव

लगभग 55% भारतीय निर्यात अब 18% के बजाय 10% शुल्क के अंतर्गत आएंगे। हालांकि एमएफएन दरें यथावत रहेंगी और नए 10% शुल्क इनके अतिरिक्त लागू होंगे। औद्योगिक धातुओं और ऑटो पार्ट्स पर पूर्व उच्च दरें जारी हैं।

5. व्यापार समझौते की स्थिति

भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते का कानूनी मसौदा अभी अंतिम रूप में नहीं है। वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने संकेत दिया है कि वार्ता जारी है और हस्ताक्षर प्रक्रिया आगामी महीनों में संभव है।

6. आगे की रणनीति

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 301 के तहत नई जांच की घोषणा की है, जिससे भविष्य में विशिष्ट देशों पर स्थायी टैरिफ लगाए जा सकते हैं।