धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने की वनतारा की सराहना
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में दुनिया के सबसे बड़े पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र वनतारा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र न केवल जानवरों के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहा है बल्कि भारतीय संस्कृति के मूलभूत आदर्शों को भी प्रतिबिंबित करता है।
जानवरों के लिए नई आशा बनेगी वनतारा
वनतारा का अर्थ है “वन का तारा”, और यह नाम इस केंद्र की भूमिका को सटीक रूप से दर्शाता है। यह गुजरात में स्थित है और इसे अनंत अंबानी के नेतृत्व में विकसित किया गया है। 3,500 एकड़ में फैला यह केंद्र अब तक 1,50,000 से अधिक जानवरों को बचाकर उन्हें पुनर्वासित कर चुका है।
वनतारा की अनूठी विशेषताएं
- वाइल्डलाइफ अस्पताल: अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह अस्पताल वन्यजीवों के उपचार और देखभाल के लिए समर्पित है।
- आईसीयू और नवजात देखभाल केंद्र: बीमार और कमजोर जानवरों की देखभाल के लिए विशेष इकाइयाँ मौजूद हैं।
- संरक्षण प्रयास: दुर्लभ और विलुप्तप्राय प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग किया जाता है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का संदेश
शास्त्री जी ने वनतारा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “जीव में ही शिव हैं,” यानी सभी प्राणियों में ईश्वर का वास होता है। उन्होंने अनंत अंबानी के समर्पण और करुणा की भी प्रशंसा की और कहा कि यह पहल भारत को वैश्विक संरक्षण प्रयासों में अग्रणी बनाएगी।
वनतारा का भविष्य और संभावनाएं
वनतारा केवल एक पशु संरक्षण केंद्र नहीं बल्कि एक मिशन है, जो पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। भविष्य में यह केंद्र अन्य देशों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।
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