पश्चिम बंगाल में 15 बूथों पर हो रहे पुनर्मतदान के दौरान मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। डायमंड हार्बर और मगरहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में दोपहर 3 बजे तक मतदान का आंकड़ा 72% से अधिक पहुंच गया, जो पुनर्मतदान के बावजूद लोगों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग में शुरुआती घंटों से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं।
चुनाव आयोग ने मतदान में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद इन बूथों पर दोबारा वोटिंग कराने का फैसला लिया था। दोपहर 1 बजे तक ही कुल मतदान 55% के पार पहुंच गया था, जबकि सुबह 11 बजे तक करीब 37% मतदान दर्ज किया गया था। इससे साफ है कि मतदाता अपने अधिकार को लेकर काफी सजग हैं।
हालांकि, पुनर्मतदान के बीच कुछ इलाकों में तनाव की स्थिति भी बनी रही। दक्षिण 24 परगना जिले के फालता क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर धमकी देने के आरोप लगाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ाई गई और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया।
मतगणना से पहले चुनाव आयोग ने अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी के कदम भी उठाए हैं। राज्य में 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है, जो मतगणना केंद्रों के बाहर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेंगे। यह कदम चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इस बीच, राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने मतगणना में देरी पर सवाल उठाए हैं, जबकि विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है। ईवीएम को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे चुनावी माहौल और गरम हो गया है।
राज्य की 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान पहले ही दो चरणों में पूरा हो चुका है, और अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।
