छत्तीसगढ़ में आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग एंड इम्पावरमेंट ने 06 अगस्त 2025 को एक ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया, जिसने दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर के माध्यम से एक नई दिशा दी। यह आयोजन सेंस इंटरनेशनल इंडिया के तकनीकी सहयोग और वीटोकिनोल प्रा. लि. की सामाजिक उत्तरदायित्व योजना के आर्थिक सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन बच्चों की सहायता करना था जो मल्टीपल डिसेबिलिटी से ग्रसित हैं। शुरुआत आकांक्षा टीम के द्वारा मेहमानों के सम्मान और दीप प्रज्वलन से हुई, जो एक सकारात्मक बदलाव के प्रतीक स्वरूप था।

इस अवसर पर यह स्पष्ट किया गया कि दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर देना केवल सहायता नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी की ओर ले जाना है। हर व्हीलचेयर को बच्चे की आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित किया गया, जिससे उनकी शारीरिक स्थिति में सुधार हो सके।

इस अनुकूलन कार्य को सेंस इंटरनेशनल इंडिया के श्री सिद्धार्थ गौर के मार्गदर्शन में, और आकांक्षा की टीम के समर्पण से दो दिनों में पूरा किया गया। कुल 7 बच्चों को कस्टमाइज्ड व्हीलचेयर प्रदान की गई, जिससे उन्हें आगे बढ़ने का नया आत्मविश्वास मिला।

इस आयोजन में प्रमुख अतिथियों में शामिल रहे:

  • श्री भगवती सक्सेना (जोनल डायरेक्टर, वीटोकिनोल प्रा. लि.)
  • श्री लक्ष्मी साहू (स्टेट हेड, छत्तीसगढ़)
  • श्री सिद्धार्थ गौर (सेंस इंटरनेशनल इंडिया)
  • श्रीमती साधना नायक (निदेशक, आकांक्षा)
  • श्री नित्यानंद जायसवाल (मुख्य परिचालन अधिकारी)
  • श्री पंकज कुमार मौर्य (ईस्ट रीजनल कोऑर्डिनेटर, डेफब्लाइंड प्रोजेक्ट)

कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर वितरण के साथ-साथ समाज में संवेदनशीलता और समावेशिता के महत्व को भी उजागर किया गया। इसके अंत में सभी सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम संपन्न हुआ।