रायपुर, 20 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ के दो युवा योग प्रतिभागी सुश्री साक्षी वर्मा और श्री विभांशु बंजारे आगामी 16वीं विश्व योग प्रतियोगिता में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह प्रतियोगिता अप्रैल 2025 में मलेशिया में आयोजित होगी। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रत्येक प्रतिभागी को 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है।
विश्व योग प्रतियोगिता का महत्व
विश्व योग प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाला एक प्रतिष्ठित आयोजन है, जिसमें विभिन्न देशों के योग साधक भाग लेते हैं। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागी विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान तकनीकों का प्रदर्शन करते हैं। योगासन का वैज्ञानिक और शारीरिक महत्व देखते हुए, इस प्रतियोगिता का उद्देश्य योग को विश्व स्तर पर लोकप्रिय बनाना और इसकी प्रभावशीलता को प्रदर्शित करना है।
पिछले वर्षों की प्रतियोगिताओं में भारत का प्रदर्शन
भारत ने पिछले वर्षों में विश्व योग प्रतियोगिता में कई पुरस्कार जीते हैं। वर्ष 2023 में आयोजित 15वीं विश्व योग प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक सहित कुल 10 पदक जीते थे। उस प्रतियोगिता में भारत के प्रतिभागियों ने योगासन, फ्लो योग और ग्रुप योग जैसी श्रेणियों में भाग लिया था।
वर्ष 2024 की प्रतियोगिता में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। इस बार भी भारत की ओर से मजबूत दावेदारी की उम्मीद है क्योंकि भारतीय खिलाड़ी पारंपरिक योग मुद्राओं और आधुनिक फिटनेस तकनीकों का संतुलन बनाने में सक्षम हैं।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की तैयारी
छत्तीसगढ़ से इस वर्ष प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ी सुश्री साक्षी वर्मा और श्री विभांशु बंजारे राज्य स्तर पर कई बार विजेता रह चुके हैं। उनके प्रशिक्षक श्री नमेश कुमार साहू ने बताया कि वे दिन में 6 से 8 घंटे अभ्यास कर रहे हैं। प्रशिक्षण में शारीरिक लचीलापन, मानसिक स्थिरता और ध्यान केंद्रित करने की तकनीकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार और राज्यपाल कार्यालय की ओर से इन खिलाड़ियों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे वे प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।
योग के लाभ और अंतरराष्ट्रीय पहचान
योग न केवल भारत में, बल्कि विश्व स्तर पर भी लोकप्रिय हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मान्यता देने के बाद, विभिन्न देशों ने योग को अपनाया है। अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में योग शिक्षा और प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ रही है। योग का महत्व इसलिए भी अधिक बढ़ रहा है क्योंकि यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। योग से तनाव प्रबंधन, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, मांसपेशियों की मजबूती और मानसिक एकाग्रता में सुधार होता है।
भारत सरकार द्वारा योग को बढ़ावा देने की पहल
भारत सरकार और कई राज्य सरकारें योग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं। खेल मंत्रालय और आयुष मंत्रालय द्वारा कई योग प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
छत्तीसगढ़ में भी योग को प्रोत्साहित करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में योग प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, कई युवा खिलाड़ी योग को एक करियर विकल्प के रूप में अपना रहे हैं, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए भविष्य की संभावनाएं
राज्यपाल द्वारा दी गई आर्थिक सहायता से खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी। यदि वे इस प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनके लिए भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग कोच, फिटनेस ट्रेनर और योग गुरु बनने के अवसर खुल सकते हैं।
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
