WTC Final Race

भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। WTC फाइनल रेस अब पूरी तरह अगले नौ टेस्ट मैचों पर निर्भर करती है। टीम इंडिया फिलहाल अंक प्रतिशत के आधार पर शीर्ष दो से बाहर है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

श्रीलंका सीरीज तय करेगी आगे की दिशा

15 अगस्त से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। यदि टीम दोनों मुकाबले जीतती है तो अंक प्रतिशत में बड़ा सुधार होगा। इससे WTC फाइनल रेस में भारत की स्थिति मजबूत होगी और शीर्ष दो टीमों में जगह बनाने की संभावना बढ़ जाएगी।

हालांकि यदि भारतीय टीम सीरीज हारती है, तो आगे का सफर काफी कठिन हो जाएगा। तब बाकी मुकाबलों में लगभग कोई गलती की गुंजाइश नहीं बचेगी।

सभी नौ टेस्ट जीतना सबसे सुरक्षित रास्ता

भारत के पास अभी कुल नौ टेस्ट मुकाबले बाकी हैं। यदि टीम सभी मैच जीत लेती है, तो उसका अंक प्रतिशत लगभग 74 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में WTC फाइनल रेस में भारत का फाइनल खेलना लगभग तय माना जाएगा।

यदि एक या दो मुकाबले भी हाथ से निकलते हैं, तो भारतीय टीम को अन्य देशों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ सकता है।

न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया सीरीज भी होंगी अहम

श्रीलंका दौरे के बाद भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट खेलने हैं। इसके बाद घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम का सामना करना होगा। इन मुकाबलों का सीधा असर अंक तालिका पर पड़ेगा।

इसी वजह से WTC फाइनल रेस केवल श्रीलंका सीरीज तक सीमित नहीं रहेगी। हर टेस्ट मैच भारत के लिए बराबर महत्व रखेगा।

शुभमन गिल की कप्तानी की होगी बड़ी परीक्षा

युवा कप्तान शुभमन गिल के सामने लगातार जीत दर्ज करने की चुनौती होगी। बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को सामूहिक प्रदर्शन करना होगा। यदि टीम संतुलित खेल दिखाती है तो फाइनल की उम्मीदें मजबूत रहेंगी।

दूसरी ओर लगातार हार भारत की संभावनाओं को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए हर मुकाबला अब लगभग नॉकआउट जैसा रहेगा।

भारत के आगामी टेस्ट मुकाबले

  • श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैच।
  • न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 टेस्ट मैच।
  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 टेस्ट मैच।
  • सभी मुकाबले WTC अंक तालिका के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

फाइनल की दौड़ में क्या रहेगा सबसे अहम?

  • श्रीलंका के खिलाफ मजबूत शुरुआत।
  • घरेलू टेस्ट सीरीज में लगातार जीत।
  • शीर्ष खिलाड़ियों का बेहतर प्रदर्शन।
  • अंक प्रतिशत में निरंतर सुधार।
  • अन्य टीमों के परिणामों पर कम निर्भरता।


यह भी पढ़ें – नीना गुप्ता की अनसुनी जिंदगी की कहानी

बांग्लादेश ने रचा ऐतिहासिक टेस्ट रिकॉर्ड