केन्द्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुण्डा ने वनधन सम्मेलन में लिया हिस्सा

रायपुर। बस्तर जिले के बाबू सेमरा का ट्राईफूड पार्क पूरे देश में एक आदर्श फूड पार्क के रूप में स्थापित होगा। जो अपने उच्च गुणवत्ता के उत्पादों के कारण बस्तर के नाम को पूरे देश और दुनिया को परचित करने के अलावा स्वरोजगार प्रदान कराने वाला महत्वपूर्ण केन्द्र बनेगा। केन्द्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुण्डा ने ट्राईफेड के वनधन सम्मेलन में कहा।
उन्होंने कहा कि ट्राईफूड प्रदेश में एक मात्र लघु वनोपज उत्पाद केन्द्र के रूप में इसके संकल्पना को साकार करने जा रहा है। यह उत्पादन केन्द्र राज्य का मुख्य केन्द्र बनेगा। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में वनोपज उत्पाद को बाजार उपलब्ध होगा। ट्राईफूड के माध्यम से लघु वनोपज ऐथिनिक प्रोडेक्ट, हैण्डीक्राप्ट, हैण्डलूम, आर्गेनिक फूड सप्लिमेंट आदि के परिष्कृत उत्पाद को प्रस्तुत किया जाएगा। ट्राईफेड के माध्यम से राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में वनोपज आधारित वैल्यू एडेड उत्पाद को बेहतर स्थान मिलेगा। श्री मुण्डा ने कहा कि ट्राईफेड की शुरूआत के समय 7 उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया था, वर्तमान में 50 से अधिक उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।

वन उत्पाद घरों से खरीदने की सुविधा

सांसद दीपक बैज ने कहा कि बस्तर अपने गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत एवं बहुमूल्य वन सम्पदा के कारण पूरे देश में विख्यात है। यहां पर चार चिरौंजी, टोरा जैसे बहुमूल्य वनोपज उपलब्ध है। राज्य सरकार के द्वारा वनोपज एवं वन उत्पादों को संग्रहणकर्ताओं के घरों से ही खरीदने की व्यवस्था की गई है। जिससे इन उत्पादों का उचित दाम मिलने के साथ-साथ उन्हें विपणन की भी सुविधा मिल सके। ट्राईफेड के प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्ण ने ट्राईफेड के कार्यो एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि बाबू सेमरा का यह फूड पार्क पूरे देश के लिए रोल मॉडल बनेगा।

बस्तरिया उत्पादों की प्रशंसा

जनजातीय मामलों के केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुण्डा ने सेमरा ट्राईफेड में लगाए गए स्टाल में बस्तरिया उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और यहां के उत्पादों की सराहना की। उन्होंने यहां वनधन विकास समिति से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा ईमली, काजू, तैलीय बीज, मुसली और महुआ के प्रसंस्करण के साथ ही गढ़ कलेवा के स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा स्थापित शबरी के हस्तशिल्प, बस्तर कलागुड़ी कलाकृतियां, रेशम उत्पादन, हरिहर बस्तर के उत्पाद, ट्राईब्स इंडिया के उत्पाद, बस्तर पपीता, बस्तर कॉफी, बांस कला केन्द्र और हथकरघा से तैयार उत्पादों का अवलोकन किया।

12 वनधन विकास केंद्र श्रेष्ठ

ट्राईफेड द्वारा आयोजित वनधन सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुण्डा ने वन धन विकास केंद्रों को 5 वर्ग में संचालन के पैमाना, उत्पाद का अधिकतम बिक्री, मूल्य वर्धित वस्तुओं की श्रेणी, एमएफपी योजना के तहत् समर्थन मूल्य पर खरीदी एवं मार्केटिंग के लिए नवाचार और रचनात्मक विचार के आधार पर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिले से वन धन केंद्र कुरूंदी, बकावण्ड, घोटिया और धुरागांव को अवार्ड प्रदान किया गया। इसके अलावा राज्य के वन धन केंद्र कडेना धरमजयगढ़, वन धन केंद्र गरियाबंद, वन धन केंद्र डोंगानाला कटघोरा, वन धन केंद्र बरोडा बलौदा बाजार, वन धन केंद्र कौरिनभाटा राजनांदगांव, वन धन केंद्र दुगली धमतरी, वन धन केंद्र नारायणपुर, वन धन केंद्र पनचक्की जशपुर को भी विभिन्न वर्गो में अवार्ड दिए गए।