बॉलीवुड फिल्म छुपा रुस्तम ने अपनी रिलीज के 25 साल पूरे कर लिए हैं और इस खास मौके पर फिल्म एक बार फिर चर्चा में है। 23 मार्च 2001 को रिलीज हुई इस फिल्म में संजय कपूर, ममता कुलकर्णी और मनीषा कोइराला ने अहम भूमिकाएं निभाईं।

फिल्म की खास बात सिर्फ इसकी कहानी नहीं, बल्कि इसके पीछे के दिलचस्प किस्से भी रहे हैं। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के लिए कई बड़े नामों पर विचार किया गया, लेकिन आखिरकार संजय कपूर को कास्ट किया गया। फिल्म में उनका डबल रोल दर्शकों के लिए बड़ा सरप्राइज साबित हुआ।

हालांकि, ‘छुपा रुस्तम’ की रिलीज आसान नहीं रही। फिल्म करीब पांच साल की देरी के बाद सिनेमाघरों तक पहुंची। इतनी लंबी देरी के बाद भी इसने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रही।

फिल्म के रिलीज डे का एक किस्सा भी काफी चर्चित है, जब संजय कपूर ने मजाक में कहा था कि दर्शकों के उत्साह को देखते हुए हंगामा हो सकता है। लेकिन असली सरप्राइज तब मिला जब फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन किया और सभी को चौंका दिया।

फिल्म का म्यूजिक इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा। आनंद-मिलिंद के संगीत और आनंद बख्शी के गीतों ने इसे सुपरहिट बना दिया। ‘ओ बंगला गाड़ी’, ‘तू निकला छुपा रुस्तम’ और ‘ये चांद कोई दीवाना है’ जैसे गाने आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय हैं।

‘छुपा रुस्तम’ ने संजय कपूर के करियर को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। इस फिल्म के बाद उन्हें बतौर लीड एक्टर और मौके मिले और उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई।

25 साल बाद भी यह फिल्म अपने गानों, स्टारकास्ट और रोचक किस्सों के लिए याद की जाती है—यही इसकी असली सफलता है।