Dhamaal 4 review करते हुए एक बात साफ कहनी होगी — यह फ्रैंचाइज़ी चौदह साल बाद भी उसी पुराने फॉर्मूले पर टिकी है, बस पैकेजिंग नई है। इंद्र कुमार इस बार निशाना बनाते हैं एक अफवाहों में लिपटे खज़ाने को — “ट्रेजर ऑफ लाइफ”। ईमानदारी से कहूं तो कहानी में कुछ खास नया नहीं है।
Dhamaal 4 review: पुराना धमाल, नई पैकिंग, असर वही आधा-अधूरा
रेटिंग: 2.5/5
इस Dhamaal 4 review में हम बताएंगे कि क्यों चौदह साल पुरानी यह फ्रैंचाइज़ी चौथी बार भी वही मस्ती लौटाने की कोशिश करती है, पर कहीं-कहीं थकी हुई भी लगती है। इंद्र कुमार इस बार निशाना बनाते हैं एक अफवाहों में लिपटे खज़ाने को — “ट्रेजर ऑफ लाइफ”। ईमानदारी से कहूं तो कहानी में कुछ खास नया नहीं है। वही पुराना फॉर्मूला: कुछ लालची, मज़ेदार किरदार, दौलत की तलाश, और रास्ते में मिलने वाली अजीबोगरीब मुसीबतें।
कहानी क्या है
गुड्डू (अजय देवगन) एक छोटी-सी एंटीक शॉप चलाता है, साथ में उसका पुराना यार जॉनी (संजय मिश्रा)। एक दिन इनकी मुलाकात पृथ्वी से होती है, जो दावा करता है कि उसे एक क्रूर समुद्री डाकू के गड़ाए खज़ाने की जगह पता है। बस राज़ खुलने ही वाला था कि एक और डाकू अधूरा (रवि किशन) पृथ्वी को अगवा कर लेता है। और फिर होता है वो ट्विस्ट — अधूरा गलती से वो इकलौता नक्शा जला बैठता है जिसमें खज़ाने की लोकेशन दी थी। अब पृथ्वी ही अकेला बंदा है जिसे सच पता है, तो उसे मारा भी नहीं जा सकता। वो फिर भाग निकलता है, और गुड्डू-जॉनी उसकी तलाश में निकल पड़ते हैं — साथ में मजबूरन गुड्डू की गर्लफ्रेंड आलिया (ईशा गुप्ता) के दोनों बच्चे भी टैग-अलॉन्ग करते हैं।
अच्छी बात
सच कहूं तो इस फिल्म को देखने की एक ही वजह है — इसकी स्टार कास्ट। जब ये सारे पुराने चेहरे एक-दूसरे के साथ स्क्रीन शेयर करते हैं, तो कुछ पल सच में हंसा देते हैं। खासकर वो शोर-शराबे वाले सीन जहां स्लैपस्टिक कॉमेडी पुरानी वाली फीलिंग वापस ले आती है। दूसरे हाफ में जब सारे किरदार आपस में टकराते हैं, तो फिल्म रफ्तार भी पकड़ लेती है।
आखिर में
पर यहीं से दिक्कत भी शुरू होती है। कई जोक्स ऐसे लगते हैं जैसे बस चिल्ला-चिल्लाकर हंसी निकलवाने की कोशिश हो, असली विट कहीं गायब है। और CGI वाले सीन्स — ईमानदारी से, कई बार तो लगा जैसे ध्यान भटकाने के लिए डाले गए हों, असर छोड़ने के लिए नहीं। 143 मिनट की फिल्म है, पर लगता है जैसे थोड़ी ज़्यादा खिंच गई।
Dhamaal 4 review का आखिरी फैसला
Dhamaal 4 कोई नया दांव नहीं खेलती, ना ही खेलने की कोशिश करती है। ये उस फ्रैंचाइज़ी की एक और विक्ट्री लैप है जिसका सुनहरा दौर शायद पीछे छूट चुका है। फिर भी, अगर आप बिना दिमाग लगाए बस दो घंटे मस्ती करना चाहते हैं, तो ये काम चला देगी। और हां, फिल्म के अंत में “Dhamaal 5” का इशारा भी दे दिया गया है — तो लगता है ये खज़ाने की तलाश यहीं खत्म नहीं होने वाली।
फिल्म से जुड़ी अधिक जानकारी और कास्ट डिटेल्स के लिए Dhamaal 4 का Wikipedia पेज भी देख सकते हैं।
अगर आपको यह पसंद आई, तो हमारी Welcome to the Jungle review भी ज़रूर पढ़ें।
