गुजरात के केवडिया में आज फिल्म जगत का खास समारोह होगा। 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में विजेताओं को सम्मान मिलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुरस्कार प्रदान करेंगी।
विजेताओं की घोषणा पहले ही 18 जुलाई को हो चुकी है। इस बार कई कलाकारों को राष्ट्रीय सम्मान मिला है। इनमें कार्तिक आर्यन और यामी गौतम प्रमुख नाम हैं।
कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए सम्मान मिला है। ममूटी को ‘ब्रह्मयुग’ के लिए बेस्ट एक्टर चुना गया। वहीं, यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में प्रमुख सम्मान
यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया है। फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार भी मिला है।
वहीं, ‘श्रीकांत’ को बेस्ट हिंदी फिल्म का सम्मान मिला। कार्तिक आर्यन और ममूटी को बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिला है।
इस बार पुरस्कारों की संख्या भी चर्चा में है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का दायरा लगातार बढ़ा है।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड की शुरुआत कैसे हुई?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी। उस समय केवल सात पुरस्कार दिए गए थे।
आज यह आयोजन कई फिल्म क्षेत्रों को शामिल करता है। इस वर्ष कुल 45 पुरस्कार दिए जा रहे हैं।
इन पुरस्कारों में फीचर और नॉन-फीचर फिल्में शामिल हैं। सिनेमा पर लेखन को भी अलग श्रेणी मिली है।
1954 से अब तक कितना बदला पुरस्कार समारोह?
शुरुआती दौर में पुरस्कारों की संख्या काफी कम थी। धीरे-धीरे इसमें नई श्रेणियां जुड़ती गईं।
अब भारतीय सिनेमा के अलग-अलग क्षेत्रों को सम्मान मिलता है। इससे कलाकारों और तकनीकी टीमों को पहचान मिलती है।
इस वर्ष पुरस्कारों का वर्गीकरण भी व्यापक है।
- 26 पुरस्कार फीचर फिल्मों के लिए हैं।
- 16 पुरस्कार नॉन-फीचर फिल्मों के लिए हैं।
- 2 पुरस्कार सिनेमा पर लेखन के लिए हैं।
- 1 दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भी शामिल है।
इस तरह कुल 45 पुरस्कार दिए जा रहे हैं। यह संख्या 1954 के सात पुरस्कारों से काफी अधिक है।
समारोह में इन नामों पर रहेगी नजर
कार्तिक आर्यन और ममूटी को बेस्ट एक्टर सम्मान मिला है। यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला है।
‘आर्टिकल 370’ को दो प्रमुख श्रेणियों में सम्मान मिला। ‘श्रीकांत’ को बेस्ट हिंदी फिल्म चुना गया।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भी समारोह का अहम हिस्सा रहेगा। इसके अलावा नॉन-फीचर फिल्मों को भी सम्मान मिलेगा।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा की विविधता दिखाते हैं। इनमें अभिनय से लेकर लेखन तक कई क्षेत्र शामिल हैं।
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