रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र का बुधवार को समापन हो गया। कार्यवाही के दौरान वाद-विवाद के बीच सरकार ने 2021-22 वित्तीय वर्ष का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया। इस दौरान हंगामा भी हुआ। विपक्ष ने इस पर चर्चा का विरोध करते हुए बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया। जिसके बाद विपक्ष की अनुपस्थिति में ध्वनिमत से 2,108 करोड़ 62 लाख 84 हजार 389 रुपये का अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में इस पर विपक्ष और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। पहले तो उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य के हितों पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्रायोजित योजनाओं पर केंद्रांश की कमी होने से राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
संघ की नहीं संघियों की सरकार- सीएम
अनुपूरक बजट के लिए हुई चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार एक तरफ छत्तीसगढ़ के हक की राशि नहीं दे रही है और दूसरी तरफ ये कहती है कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को पूरा नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि ‘संविधान के अनुच्छेद 1 में कहा गया है कि भारत राज्यों का एक संघ होगा। यह संघवाद की बात करता है। लेकिन इस समय (देश में) क्या हो रहा है? उन्होंने (भाजपा ने) संघियों (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) की सरकार बनाई है। यह संघ की सरकार नहीं बल्कि यह संघियों की सरकार है।
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आर्थिक संकट से जूझ रहे राज्य- सीएम
भूपेश बघेल ने कहा कि ‘वे लगातार राज्यों के हितों पर अतिक्रमण कर रहे हैं और उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए राज्य आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। हम बार-बार कहते हैं कि देश को डॉक्टर आंबेडकर के संविधान के अनुसार चलने दें, तो कोई समस्या नहीं होगी।’
पहले कटौती की और अब राज्य सरकार पर आरोप !
केंद्र की ओर से राशियों में की जा रही कटौती को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार एक तरफ राज्यों को राष्ट्रीय कार्यक्रमों के संचालन के लिए केंद्रीय मदद की राशि में कटौती कर रही है और दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के हक के लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की राशि नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे कई राष्ट्रीय कार्यक्रमों में केंद्र ने अपना अंश घटाकर राज्यों पर बोझ बढ़ा दिया गया है और अब राज्यों पर काम नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं।
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क्या-क्या मिला अनुपूरक बजट में?
चर्चा के दौरान सीएम ने अनुपूरक बजट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस अनुपूरक बजट में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों के लिए 599 करोड़ रुपये, 42 नगरीय निकायों में जल आवर्धन योजनाओं के लिए 150 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए 304 करोड़ रुपये, नई समितियों के निर्माण के लिए 05 करोड़ रुपये और नवा रायपुर में गुरु घासीदास शोधपीठ और संग्रहालय के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
ये विधेयक हुए पारित
बता दें कि अनुपूरक बजट पेश करने के अलावा भूपेश सरकार ने कुछ विधेयक भी पेश किए हैं। जिसमें माल और सेवा कर (जीएसटी) संशोधन विधेयक, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग संशोधन विधेयक, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) संशोधन विधेयक भी ध्वनिमत से पास किया गया।
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