•तीन साल के कार्यकाल को मिला जन समर्थन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 10 जिलों के 15 नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को एकतरफा जीत मिली है। 15 निकायों में से 13 पर कांग्रेस की सरकार बनना लगभग तय है। वहीं भारतीय जनता पार्टी को सिर्फ एक नगर पालिका परिषद में जीत मिली है। सबसे रोचक मुकाबला राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ नगर पालिका में सामने आया है। यहां 20 सीटों वाले पालिका में भाजपा व कांग्रेस को 10-10 सीटें मिली है। अब यहां किसकी सरकार बनेगी यह बड़ा सवाल है। भिलाई, बीरगांव, रिसाली व भिलाई-चरोदा निगम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। सभी जगहों पर कांग्रेस के ज्यादा प्रत्याशी जीते हैं।

राजधानी रायपुर के बीरगांव व दुर्ग जिले के भिलाई-चरोदा नगर निगम में किसी को स्पष्ट जनादेश नहीं मिला है। दोनों जगहों पर कांग्रेस बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। दोनों जगहों पर निर्दलीय का समर्थन लेकर कांग्रेस सरकार बनाएगी। बीरगांव में कांग्रेस के 19, भाजपा के 10 और 5 जोगी कांग्रेस और 6 निर्दलीय चुनाव जीते हैं। बीरगांव नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी से ज्यादा निर्दलीय चुनाव जीतकर आए हैं। छत्तीसगढ़ के दूसरे सबसे बड़े नगर निगम भिलाई में इस बार भी कांग्रेस का कब्जा हो गया। पिछली बार भी यहां कांग्रेस का कब्जा था। भिलाई नगर निगम में कांग्रेस 35, भाजपा 25, बहुजन समाज पार्टी 01 और 9 निर्दलीय चुनाव जीते हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह जिले के भिलाई-चरोदा नगर निगम में कांग्रेस के 19, भाजपा के 15 और 6 निर्दलीय चुनाव जीते हैं। पिछले चुनाव में यहां भाजपा का कब्जा था। इस निकाय को भाजपा से कांग्रेस ने छीन लिया है। भिलाई निगम से अलग होकर बने रिसाली नगर निगम के पहले चुनाव में कांग्रेस का कब्जा हो गया है। यहां कांग्रेस को 21, भाजपा को 12 वार्डों में जीत मिली है, जबकि 7 निर्दलीय भी चुनाव जीते हैं। स्पष्ट बहुमत होने से यहां कांग्रेस की सरकार बनेगी। यह इलाका गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का क्षेत्र है।

आदिवासी अंचल बस्तर से सरगुजा तक कांग्रेस को बड़ी जीत

बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम में कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। नगर पंचायत के पूरे 15 वार्डों में कांग्रेस के प्रत्याशी जीत गए हैं। इधर भैरमगढ़ नगर पंचायत में भी 10 वार्डों में कांग्रेस और 5 वार्डों पर भाजपा को जीत मिली है। सुकमा जिले के कोंटा नगर पंचायत में 15 में से 14 सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया है, जबकि एक पर भाजपा को जीत मिली है। कांकेर जिले के नरहरपुर नगर पंचायत में भी 11 वार्डों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। अन्य 4 वार्डों में भाजपा ने कब्जा जमाया है। वहीं सरगुजा संभाग के बैकुंठपुर, शिवपुर-चरचा और सांरगढ़ में कांग्रेस के ज्यादा प्रत्याशी जीते हैं।

तीन नगर पालिका में कांग्रेस, 1 में भाजपा, एक में फंसा पेंच

प्रदेश के छह नगर पंचायत कोंटा, भोपालपट्टनम, भैरमगढ़, नरहरपुर, प्रेमनगर और मारो नगर पंचायत में कांग्रेस की एकतरफा जीत हुई है। वहीं पांच नगर पालिका परिषदों में बैकुंठपुर, शिवपुर-चरचा, सारंगढ़ में कांग्रेस को जीत मिली है तो वहीं जामुल पालिका में भाजपा का कब्जा हो गया है। सबसे रोचक चुनाव परिणाम खैरागढ़ नगर पालिका में आया है। यहां कांग्रेस व भाजपा को 10-10 सीटें मिली है। यहां किस पार्टी से अध्यक्ष बनेगा यह बड़ा सवाल है। यहां पहले 10 सीट भाजपा, 9 सीट कांग्रेस को मिला था। एक सीट ट्राई हो गया था। दोबारा गिनती करने में यह सीट कांग्रेस के खाते में आई। इसके बाद भाजपा के नेताओं ने हंगामा कर दिया और धरने पर बैठ गए।

सीएम ने भाजपा पर कसा तंज, भाजपाई बोले सत्ता का दुरुपयोग

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की एकतरफा जीत हुई है। भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। भाजपा कहीं दूर-दूर तक नहीं दिखता। सीएम ने कहा कि सभी नगर निगमों में कांग्रेस की सरकार बनेगी। एक-दो सीट कम है, वहां निर्दलीयों का समर्थन लेकर सरकार बनाएंगे। वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अजय चंद्राकर सहित अन्य भाजपा नेताओं ने निकाय चुनाव में सत्ता और धन बल का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।