रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा के कई बड़े नेताओं को कड़ी शिकस्त मिली है। केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर को अपने क्षेत्र में ही हार का मुंह देखना पड़ा। इस निकाय चुनाव ने सभी पार्टियों की झोली में वोट डाले, लेकिन किसी की झोली खाली रह गई, तो कोई वोटों से भरी झोली लेकर खुशियों की लड्डू चख रहा है। इसी बीच हम 2 ऐसे वार्डों की बात कर रहे हैं, जिसे 2 दिग्गज नेता बचा नहीं पाए। मतदाताओं ने अपने वोटों का ऐसा बुलडोजर चलाया कि न केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह, पूर्व सीएम रमन सिंह अपने इलाके में वार्ड को बचा सके और न पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर अपनी किला ढहने से बचा पाए. कांग्रेस ने भाजपा के गढ़ में घुसकर उनका किला ढहा दिया।

केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुकी है। उन्होंने प्रेमनगर नगर पालिका में चुनाव में प्रचार किया था। यहां पर उनके साथ अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय पदाधिकारी कमलभान सिंह, और भाजपा के किसान नेता श्याम बिहारी जायसवाल ओर पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी भी डटे थे। उन्हें वहां पर केवल दो सीट ही मिली।

डॉ. रमन के इलाके भाजपा हारी

राजनांदगांव को पूर्व सीएम रमन सिंह का गढ़ माना जाता है, जिसको ढहाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं था, लेकिन अभी के हुए उपचुनाव ने बीजेपी को झटका दे दिया है। पूर्व सीएम रमन सिंह अपने इलाके में बीजेपी प्रत्याशी को जीत नहीं दिला सके.। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 17 में हुए उपचुनाव में बीजेपी को करारी हार मिली है। तुलसीपुर उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रकला देवांगन ने 192 मतों से बीजेपी प्रत्याशी सरिता सिन्हा को हराया है। यहां पर पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और जिला अध्यक्ष मधुसुदन यादव भी यहां पर प्रचार के लिए मिकले थे, तब भी भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा।

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कुरूद और धमतरी जिले में मिली हार

वहीं कुछ ऐसा ही हाल पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के किले का है, जहां बीजेपी को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। धमतरी जिले के तीन नगर पंचायतों में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशियों की जीत हुई। भाजपा उम्मीदवारों को करारी हार का सामना करना पड़ा है। चुनावी नतीजों के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरक़ाम ने रमन सिंह और अजय चंद्राकर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आपने क्षेत्र में एक पार्षद तक नहीं जीता पाए। उपचुनाव में राजनांदगांव और कुरूद में भाजपा पार्षद चुनाव हारी है। मोहन मरकाम ने कांग्रेस की जीत का श्रेय भूपेश बघेल की सरकार की नीतियों को दिया है।

अमरजीत और गुरू रूद्र के प्रभार वाले क्षेत्र में मिली हार

अमरजीत और गुरू रूद्र के प्रभार वाले निकायों में कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा। मंत्री अमरजीत भगत राजनांद्रांव के प्रभारी मंत्री है। उनके प्रभार जिले में खैरागढ़ नगर पालिका में कांगेस को बहुमत नहीं मिल पाया। यहां पर कांग्रेस और भाजपा दोनों को 10-10 सीट मिली। यहां पर पूरा मामला अटका हुआ है। कांग्रेस औ भाजपा दोनों अपने अध्यक्ष को लेकर जोर आजमाईश कर रहे है। वहीं अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जामूल नगर पालिका में कांग्रेस को बड़ी पराजय देखने को मिली है। यहां के विधायक गुरू रूद्र कुमार हैं। यहां भाजपा ने 10, कांग्रेस 6 और निर्दलियों ने चार सीट जीती है। यहां पर भाजपा को बहुमत मिली है।