रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पंडित रविशंकर शुक्ल ने कई राष्ट्रीय आंदोलनों में सक्रिय और शीर्ष भूमिका निभाई।

छत्तीसगढ़ में उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के विरूद्ध लोगों को जागरूक कर गांधी जी के विभिन्न आंदोलनों में सहयोग के लिए प्रेरित किया। भूपेश बघेल ने कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल जी लोकप्रिय जन नेता और कुशल प्रशासक थे। उन्होंनेे मुख्यमंत्री रहते हुए छत्तीसगढ़ अंचल में शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई सहित विभिन्न क्षेत्रों की विकास योजनाओं में महती भूमिका निभाई।

कब हुआ जन्म

पंडित रविशंकर शुक्ल का जन्म 2 अगस्त 1877 में सागर शहर में हुआ। पिता का नाम जगन्नाथ शुक्ल और माता का नाम तुलसी देवा था। रवि शंकर जी ने 4 वर्ष की आयु में सागर के सुन्दरलाल पाठशाला में दाखिला लिया। ब्रिटिश राज में यह पाठशाला सीपी में स्थित 6 शालाओ में से एक थी।

मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री

माध्यमिक शीक्षा के पूर्ण होने के बाद पंडित जगन्नाथ शुक्ल राजनांदगाँव चले गये और अपने भाई पंडित गजाधर शुक्ल के साथ बेंगाल नागपुर कॉटन मिल चलने में सहभागी बने। कुछ वर्ष मिल चलाने के बाद वह रायपुर चले गए । इस दौरान रवि शंकर जी ने अपनी स्कुली शीक्षा रायपुए हाई स्कूल से पूरी की। बता दे कि 1 नवम्बर 1956 को अस्तित्व में आये नए राज्य मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री थे। अपने कार्यकाल के दौरान 31 दिसंबर 1956 को उनका स्वर्गवास हो गया।