रायपुर जिले के धरसींवा विकासखंड स्थित ग्राम खौना के धान उपार्जन केंद्र में स्टॉक सत्यापन के दौरान 229.60 क्विंटल धान की कमी पाए जाने का मामला सामने आया है, जिसने उपार्जन प्रणाली की पारदर्शिता एवं नियंत्रण व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।

संयुक्त जांच दल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, निर्धारित अवधि में किसानों से कुल 48,826 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इसके सापेक्ष मिलर्स के माध्यम से 48,576.22 क्विंटल धान का उठाव दर्ज किया गया। इस प्रकार अभिलेखीय रूप से शेष स्टॉक 249.60 क्विंटल होना अपेक्षित था, किंतु भौतिक सत्यापन में यह मात्रा उपलब्ध नहीं पाई गई।

जांच में पाया गया कि वास्तविक रूप से केवल सीमित मात्रा में धान उपलब्ध था, जिससे कुल 229.60 क्विंटल की कमी दर्ज की गई। यह अंतर स्टॉक प्रबंधन, रिकॉर्ड संधारण एवं निगरानी प्रणाली में संभावित त्रुटियों की ओर संकेत करता है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई की गई है। संबंधित समिति प्रबंधक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हेतु निर्देश जारी किए गए हैं तथा जांच प्रतिवेदन के आधार पर आगे की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।

इसके अतिरिक्त, जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी 20 से 70 क्विंटल तक की कमी पाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है, जो प्रणालीगत समस्या की ओर संकेत करती है। हालांकि इन मामलों में विस्तृत जांच की प्रक्रिया अभी प्रारंभ नहीं हुई है।

यह स्थिति यह इंगित करती है कि उपार्जन केंद्रों में स्टॉक सत्यापन एवं निगरानी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही, पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु नियमित ऑडिट एवं तकनीकी हस्तक्षेप को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।