बस्तर विकास

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में बस्तर विकास को नई दिशा और गति मिली है। भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं के कारण बस्तर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। सड़क, बिजली, पेयजल और आवास जैसी सुविधाओं के पहुंचने से लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लौटी शांति

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर विकास की सबसे बड़ी उपलब्धि नक्सल हिंसा में कमी और शांति की स्थापना है। सुरक्षा बलों और प्रशासन की समन्वित रणनीति के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है। नियद नेल्ला नार और बस्तर मुन्ने जैसे अभियान गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कनेक्टिविटी परियोजनाओं से बदला परिदृश्य

साय ने बताया कि बस्तर विकास के अंतर्गत सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया गया है। वर्षों से अलग-थलग पड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य लगातार जारी है। बेहतर संपर्क व्यवस्था से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।

संस्कृति और खेल के माध्यम से नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर विकास केवल अधोसंरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने क्षेत्र की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलने के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है।

जनभागीदारी से मजबूत हो रहा विकास मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की सफलता का आधार जनभागीदारी है। आदिवासी समाज को योजनाओं का सक्रिय भागीदार बनाकर विकास प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बस्तर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल होगा।

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