मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रामगढ़ पर्यटन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि रामगढ़, सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी धरोहरें भारत की प्राचीन संस्कृति और इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं। सरकार इन स्थलों का संरक्षण करने के साथ आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित कर देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
सीताबेंगरा और जोगीमारा की ऐतिहासिक विशेषताएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़ पर्यटन की सबसे बड़ी ताकत यहां की ऐतिहासिक गुफाएं और प्राकृतिक विरासत हैं। सीताबेंगरा गुफा को भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक माना जाता है, जबकि जोगीमारा गुफा अपनी प्राचीन भित्ति चित्र कला के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इन धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर पर्यटन की नई संभावनाएं विकसित की जाएंगी।
पर्यटन विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि रामगढ़ पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विकास केवल विरासत संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि क्षेत्र की आर्थिक प्रगति का भी आधार बनेगा।
पर्यटन इन्फ्लुएंसर्स का किया गया सम्मान
समारोह में सरगुजा के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर डॉक्यूमेंट्री तैयार करने वाले टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़ पर्यटन के प्रचार-प्रसार में डिजिटल माध्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है।
हर वर्ष और भव्य होगा महोत्सव
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रामगढ़ पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रामगढ़ महोत्सव का आयोजन हर वर्ष और अधिक भव्य रूप में किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।
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