सरगुजा के रामगढ़ स्थित राम वाटिका में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रुद्राक्ष पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भगवान श्री राम की प्रतिमा को नमन कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है।
पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि रुद्राक्ष पौधारोपण केवल प्रतीकात्मक कार्य नहीं बल्कि पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक सार्थक कदम है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आग्रह किया। उनका मानना है कि हर नागरिक यदि पौधारोपण को अपनी जिम्मेदारी समझे तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण मिल सकता है।
जलवायु परिवर्तन से निपटने का प्रभावी माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि रुद्राक्ष पौधारोपण जैसे प्रयास जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय असंतुलन को रोकने के लिए वृक्षारोपण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पौधे केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते बल्कि जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन को भी बनाए रखते हैं।
श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेने की अपील
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान श्री राम के जीवन मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि रुद्राक्ष पौधारोपण की भावना भी सेवा और समर्पण से जुड़ी हुई है। उन्होंने समाज के लोगों से राम के आदर्शों को अपनाकर सद्भाव और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
समाज और प्रकृति के बीच मजबूत रिश्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि रुद्राक्ष पौधारोपण जैसे अभियान समाज और प्रकृति के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करते हैं। इससे लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है और हरित विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।
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