Asian Games 2026

भारतीय ओलंपिक संघ ने एशियाई खेलों को लेकर नया प्रस्ताव भेजा है। एशियाड टीम में सात और खिलाड़ियों को शामिल करने की सिफारिश की गई है। मंजूरी मिलने पर भारतीय दल में एथलीटों की संख्या 79 हो जाएगी।

आईओए ने खेल मंत्रालय से इस प्रस्ताव पर अनुमति मांगी है। सूची में ट्रैक और फील्ड की अलग-अलग स्पर्धाओं के खिलाड़ी शामिल हैं। इससे भारतीय एथलेटिक्स दल को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सात एथलीटों के नाम प्रस्तावित

प्रस्तावित सूची में 400 मीटर धावक किरन का नाम शामिल है। उनके अलावा हर्षिता भद्रा को 200 मीटर के लिए चुना गया है।

हैमर थ्रो में प्रवीण कुमार को प्रस्तावित किया गया है। गौतमी जयरामन 800 मीटर स्पर्धा में हिस्सा लेंगी।

सिंधुश्री गणेश को पोलवॉल्ट के लिए प्रस्तावित किया गया है। सान्या यादव डिस्कस थ्रो में चुनौती पेश करेंगी। आशा इलांगो को ट्रिपल जंप के लिए सूची में रखा गया है।

79 खिलाड़ियों तक पहुंच सकता है दल

सातों खिलाड़ियों को मंजूरी मिलने पर एशियाड टीम का आकार बढ़ जाएगा। आईओए के प्रस्ताव से भारतीय दल में अतिरिक्त प्रतिभाओं को जगह मिल सकेगी।

खिलाड़ियों का प्रदर्शन और संबंधित चयन प्रक्रिया इस फैसले में महत्वपूर्ण होगी। अंतिम मंजूरी खेल मंत्रालय की ओर से मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

आठ निजी प्रशिक्षकों को भेजने की मांग

आईओए ने खिलाड़ियों के साथ निजी प्रशिक्षकों को लेकर भी प्रस्ताव दिया है। नीरज चोपड़ा समेत आठ प्रशिक्षकों को दल में शामिल करने की मांग हुई है।

इन प्रशिक्षकों के नाम भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की लंबी सूची में नहीं थे। इसलिए उन्हें मान्यता कार्ड मिलने के बाद ही दल में जगह मिल सकेगी।

नीरज चोपड़ा के निजी कोच जय चौधरी का नाम भी प्रस्ताव में है। चोपड़ा आगामी एशियाई खेलों में अपने खिताब का बचाव करेंगे।

इन प्रशिक्षकों के नाम भी प्रस्तावित

प्रस्तावित निजी प्रशिक्षकों में घनश्याम का नाम शामिल है। वह देव मीणा और कुलदीप कुमार से जुड़े हैं।

शाहनवाज खान के कोच भूपिंदर सिंह का नाम भी भेजा गया है। बरानिका के कोच मिलवर रसेल को भी अनुमति देने की मांग हुई है।

इसके अलावा एंजेल गार्सिया एस्तेबान और सर्गेई बिरान के नाम भी सूची में हैं। शॉटपुट कोच संदीप सिंह सहित आठ प्रशिक्षकों को प्रस्तावित किया गया है।

निजी कोचों की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण

  • निजी प्रशिक्षक खिलाड़ियों की तैयारी से लगातार जुड़े रहते हैं।
  • प्रतियोगिता के दौरान तकनीकी मार्गदर्शन मिलना उपयोगी होता है।
  • कई खिलाड़ी लंबे समय से अपने निजी कोचों के साथ अभ्यास करते हैं।
  • मान्यता मिलने के बाद ही प्रशिक्षक आधिकारिक दल का हिस्सा बनेंगे।

नीरज चोपड़ा पर भी रहेंगी नजरें

नीरज चोपड़ा भारतीय एथलेटिक्स के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह एशियाई खेलों में अपने खिताब का बचाव करने उतरेंगे।

2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में चोपड़ा ने भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीता था। उस मुकाबले में किशोर जेना ने रजत पदक हासिल किया था।

चोपड़ा की तैयारी में निजी कोच की भूमिका इसलिए भी अहम है। हाल में उनके निजी कोच जय चौधरी को लेकर ऐसी स्थिति सामने आई थी। उन्हें आधिकारिक दल में जगह नहीं मिली थी। बाद में आईओए के जरिए उन्हें मान्यता मिली।

अंतिम मंजूरी पर टिकी नजर

अब खेल मंत्रालय के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद एशियाड टीम में सात अतिरिक्त एथलीट जुड़ जाएंगे।

निजी प्रशिक्षकों को अनुमति मिलने से खिलाड़ियों को तैयारी में अतिरिक्त सहयोग मिलेगा। हालांकि, प्रशिक्षकों की आधिकारिक भागीदारी मान्यता प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

भारतीय एथलेटिक्स दल में कई युवा और अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं। ऐसे में आगामी एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन पर नजर रहेगी।

प्रस्ताव से जुड़े अहम बिंदु

  • सात अतिरिक्त एथलीटों को शामिल करने की सिफारिश हुई है।
  • मंजूरी के बाद दल में 79 एथलीट हो जाएंगे।
  • आठ निजी प्रशिक्षकों को साथ भेजने की मांग की गई है।
  • नीरज चोपड़ा के कोच जय चौधरी भी प्रस्ताव में शामिल हैं।
  • प्रशिक्षकों की भागीदारी मान्यता कार्ड मिलने पर निर्भर होगी।


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