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भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन को यादगार बना दिया। उन्होंने एशियाई खेलों में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया। इस जीत के साथ उन्होंने भारत के लिए नया रिकॉर्ड बनाया।

लवलीना बोरगोहेन गोल्ड की यह उपलब्धि भारतीय महिला बॉक्सिंग के लिए खास है। वह इस भार वर्ग में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं। उनकी जीत से देश के पदक अभियान को भी बढ़ावा मिला।

फाइनल में चीन की मुक्केबाज को दी मात

लवलीना का फाइनल मुकाबला चीन की बाओ जियी के साथ हुआ। भारतीय मुक्केबाज ने धैर्य और रणनीति के साथ मुकाबला खेला। उन्होंने सही समय पर सटीक पंच लगाए और विरोधी खिलाड़ी के हमलों से बचाव किया।

मुकाबले के दौरान बाओ ने आक्रामक खेल दिखाया। हालांकि, लवलीना ने अपना संयम बनाए रखा। अंत में सभी पांच जजों ने फैसला उनके पक्ष में दिया। इस तरह उन्होंने 5-0 से जीत दर्ज की।

लवलीना बोरगोहेन गोल्ड से बना नया रिकॉर्ड

इस जीत के साथ लवलीना ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में भारत को पहला एशियाई खेल स्वर्ण दिलाया। इससे पहले इसी वर्ग में भारतीय मुक्केबाज कांस्य और रजत पदक जीत चुकी थीं।

2010 में कविता गोयत ने कांस्य पदक हासिल किया था। 2014 में पूजा रानी ने भी कांस्य जीता। वहीं, 2022 के हांगझोउ एशियाई खेलों में लवलीना ने रजत पदक अपने नाम किया था। अब उन्होंने उस पदक को स्वर्ण में बदल दिया।

मैरी कॉम के बाद स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय

भारतीय महिला मुक्केबाजी में एशियाई खेलों का पहला स्वर्ण मैरी कॉम ने जीता था। उन्होंने 2014 में महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में यह उपलब्धि हासिल की थी।

अब लवलीना इस सूची में शामिल हो गई हैं। उनकी जीत ने भारतीय महिला बॉक्सिंग के एशियाई खेलों के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा है। वह एशियाई खेलों में स्वर्ण और रजत, दोनों पदक जीतने वाली भारतीय महिला मुक्केबाज भी बनीं।

ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में भी चमकीं

लवलीना पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन कर चुकी हैं। उन्होंने 2018 और 2019 की विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीते थे। टोक्यो ओलंपिक 2020 में भी उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया।

इसके बाद 2023 की विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। एशियाई खेलों में रजत पदक के बाद अब उनका स्वर्ण उनकी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

लवलीना बोरगोहेन गोल्ड की जीत उनके लंबे खेल सफर की एक अहम उपलब्धि है। उनकी सफलता भारतीय मुक्केबाजी में महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भी सामने लाती है।

भारत की पदक तालिका में जुड़ा एक और स्वर्ण

दिए गए समाचार के अनुसार, लवलीना के स्वर्ण के बाद भारत के पदकों की संख्या 70 हो गई। इसमें 12 स्वर्ण, 24 रजत और 34 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में भारत सातवें स्थान पर बताया गया है।

  • स्वर्ण पदक: महिलाओं के 75 किलोग्राम मुक्केबाजी वर्ग में भारत का पहला एशियाई खेल स्वर्ण।
  • फाइनल का परिणाम: लवलीना ने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया।
  • करियर की उपलब्धियां: ओलंपिक कांस्य, विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण और एशियाई खेलों में रजत व स्वर्ण पदक।

लवलीना की इस उपलब्धि ने उनके जन्मदिन को यादगार बना दिया। साथ ही, भारतीय महिला मुक्केबाजी को एशियाई खेलों में एक और स्वर्ण पदक मिला।



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