संस्कृति विभाग ने कलाकारों और साहित्यकारों को दी जानी वार्षिक आय की राशि नौ गुना बढ़ा दी है। इससे लगभग एक हजार कलाकारों और साहित्यकारों को पेंशन मिलेगी। विभाग स्टेट, नेशनल, इंटरनेशनल लेवल में प्रस्तुति देने वाले कलाकार को हर महीने दो हजार रूपये पेंशन देता है। फिलहाल अभी वर्तमान में 131 कलाकारों और साहित्यकारो को पेंशन दी जा रही है। चिन्हारी योजना के तहत पंजीकृत कलाकारों और साहित्यकारों को इस योजना का लाभ मिलता है।
पहले और अब की वार्षिक आय में अंतर
पहले पेंशन पात्रता के लिए परिवार के अकेले सदस्य के लिए वार्षिक आय 14 हजार तक, दो सदस्य की आर्थिक आय 18 हजार और तीन से अधिक सदस्यों के लिए 24 हजार रूपये तक निर्धारित है। अब अकेले सदस्य की वार्षिक आय 72 हजार, दो सदस्यों के लिए 1 लाख 44 हजार रूपए और तीन से अधिक सदस्यों के लिए 2 लाख 16 हजार रूपए तय की गई है।
पेंशन के लिए क्या है पात्रता नियम
60 साल से अधिक उम्र के ऐसे कालकार जो स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर प्रस्तुति दे चुके हैं वे पेंशन के पात्र हितग्राही होंगे। रजिस्ट्रेशन के लिए कलाकार ऑफलाइन या फिर cgculture.in.chinhari पोर्टल में जा कर रजिस्ट्रेशन भी करवा सकते हैं। डॉक्यूमेंट और सही जानकारी सही पाय जाने पर ही पेंशन दी जाएगी।
131 को मिल रही पेंशन, अब ज्यादा को मिलेगा लाभ
संस्कृति विभाग के डायरेक्टर विवेक आचार्य ने बताया कि पेंशन पात्रता के लिए वार्षिक आय की सीमा बहुत ही कम थी। 2007 के नियम के अनुसार पेंशन दी जा रही थी। वर्तमान में प्रदेशभर से 131 कलाकारों, साहित्यकारों को दो हजार रूपये मासिक पेंशन दी जा रही है। वार्षिक आय की सीमा बढ़ाने से पेंशन पाने वाले कलाकारों की संख्या लगभग एक हजार बढ़ने की उम्मीद है।
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