रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्यपाल के कवर्धा मामले पर लिखे पत्र पर जवाब देते हुए कहा, छत्तीसगढ़ में जैसे नक्सलियों का नेता आंध्रप्रदेश में है, और वहां से ही इनका मूवमेंट संचालित होता है। वैसे ही छत्तीसगढ़ में आरएसएस के पास अपनी कोई क्षमता नहीं है,जो नागपुर से चलता है। हम लोग किसी भी घटना को हल्के में नहीं लेने वाले है। ये लोग छोटी घटना को बड़ा बनाना चाहते हैं। विभिन्न धर्म के लोगों में आपस में विवाद हो जाता है। लेकिन हर बात को जो साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश करेंगे, उस पर कड़ी नजर रखना है।
रतनपुर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा, सरकार वहां की घटना पर पूरी तरह से नजर रख रही है। सांप्रदायिक तनाव भड़काने वालों को पहचान कर उन पर कार्रवाई कर रहे हैं। ज्ञात हो कि झंडे लगाने के मामले में दुर्गेश देवांगन की पिटाई करने वाले 29 लोगों की गिरफतारी वीडियों फूटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी हो चुकी है। राज्यपाल अनुसुईया उईके ने मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि निर्दोष लोगों पर कार्रवाई न हो इसका ध्यान रखा जाए। उन्होने प्रशासन से भी घटना के संबंध में तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।
कोयले की कमी स्वीकार करे केंद्र सरकार
मुख्यमंत्री ने देश में कोयला संकट पर कहा, भारत सरकार को स्वीकार करना चाहिए देश में कोयले की कमी है। पहले भारत सरकार ने कहा कोई संकट नहीं है। फिर केन्द्रीय मंत्री छत्तीसगढ़ आ क्यों रहे है? क्यों कई राज्यों के पॉवर प्लांट कोयले की कमी से बंद हो रहे है। इन छोटी-छोटी व्यवस्थाएं को केवल रेगुलरलाइज़ करना है, लेकिन भारत सरकार से ये चीजेें भी सम्भल नहीं पा रही। इससे ज्यादा दुर्भाग्यजनक और क्या हो सकता है। पहले ऑक्सीजन की कमी, फिर खाद की कमी और अब कोयले की कमी हो रही है।
कोयला मंत्री क्यों आ रहे छत्तीसगढ़?
केंद्रीय कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी के छत्तीसगढ़ दौरे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कटाक्ष किया कि भारत सरकार ने कहा कोयले का कोई संकट नहीं, लेकिन दर्जनों पावर प्लांट विभिन्न राज्यों में बंद पड़े है। कोयले की कमी यदि नहीं है तो कोयला मंत्री बुधवार को छत्तीसगढ़ क्यों आ रहे है। कोयला मंत्री छत्तीसगढ़ आ रहे है, इसका मतलब यह है कि भारत सरकार को स्वीकार करना चाहिए कि कोयले और बिजली की कमी है।
राहुल गांधी फिर से बने कांग्रेस अध्यक्ष
कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्य समिति की मीटिंग को लेकर कहा कि आने वाले उपचुनाव, विधानसभा चुनाव और संग़ठन के बारे में चर्चा होगी। राहुल गांधी फिर से अध्यक्ष बने ये मैं हमेशा से कहता आ रहा हूँ।
हसदेव अरण्य पदयात्री आएंगे तो बात करेंगे
हसदेव अरण्य बचाने निकली पद यात्रा के रायपुर पहुँचने पर कहा मुख्यमंत्री ने कहा, बातचीत के लिए आएंगे तो हम बात करेंगे। किसी से बात करने की कोई मनाही नहीं है। बातचीत के जरिये ही समस्या का निदान होता है, पर उनकी तरफ से बातचीत का कोई ऑफर अब तक नहीं मिला है।
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