रायपुर। प्रदेश में धर्मांतरण का झूठा माहौल बनाने की कोशिशों की हवा निकल गई तब भाजपा कवर्धा जैसे क्षेत्र को चिन्हित करके सांप्रदायिक तनाव पैदा करना चाहती है। आरएसएस भाजपा बेबुनियाद झूठे आरोप लगाकर दोषियों को बचाना चाहती हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने यहां पर शांति बहाली के लिए प्रशासन को दोषियों की पहचान करने के लिए उनके द्वारा किए गए रैलियों के दौरान वीडियो से पहचान कर कार्रवाई करना शुरू किया तो भाजपा उनके आनुषंगिक संगठनों को यह नागवार गुजरी। कवर्धा विवाद में शांति बहाली के बाद आरएसएस-भाजपा द्वारा विभिन्न संगठनों को लेकर धरना-प्रदर्शन की सियासत शुरू हो गई है।

भाजपा लोगों को भड़काने की कर रही कोशिश

जिस तरह से देश में समुदायों के बीच में धर्म को लेकर तोडऩे का काम आरएसएस से जुड़े कुछ संगठनों ने किया है, उसका लाभ लेने का प्रयास भाजपा ने किया है। देश में दुर्भाग्य से ऐसा ही कुछ यहां भी देखने को मिला है। कवर्धा में मामला झंडे से चालू हुआ था। शांति समिति की दो बैठक हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि झंडे वहां पर कोई नहीं लगाएगा। दोनों समुदाय का त्योहार है। कोई अप्रिय स्थिति न बने. इसी बीच उनमें से ही किसी एक के झंडे को दूसरे ने गिरा दिया। जिसने गिराया उसने अपना झंडा लगाया तो उसको दूसरे ने गिरा दिया। इस प्रकार की एक छोटी घटना मारपीट में तब्दील हो गई थी। अब उसका लाभ भुनाने की कोशिश कुछ लोग कर रहे हैं।

जनता चाहती है शांति

कवर्धा की जनता इन साजिशकर्ताओ के मंसूबे को जान चुकी है। भाजपा- आरआरएस ने पहले तो शांत धर्मनगरी कवर्धा में बाहरी असामाजिक तत्वों के द्वारा साजिश कर उन्माद फैलाया और अब परिस्थितियां सामान्य हो रही है तो उसे सियासी रंग देने का असफल प्रयास कर रही हैं। भाजपा के अनुषांगिक संगठनों का धरना-प्रदर्शन आग में घी डालने के बराबर। कवर्धा मेें शांति-सौहार्द धूमिल करने वाले दोषियों पर प्रशासन सबूतों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। यहां की जनता शांति चाहती है। भाजपा वहां अशांति फैलाने में लगी है। शांति समिति की बैठक के बाद दोनों पक्षों के लोगों ने शांति बहाल करने में प्रशासन के प्रयासों पर संतोष जताया था। भाजपा, विहिप और आरएसएस के लोगों ने प्रशासन के रोक के बाद जबरिया रैली निकाल कर नारेबाजी कर माहौल को और तनावपूर्ण बनाने का प्रयास किया।

अब प्रदेश में रैलियों का दौर

घटना के बाद पूरे प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है, इसको लेकर मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद ने आक्रोश रैली निकालकर विरोध जताया। उनका आरोप है कि प्रशासन ने इस मामले में एक पक्षीय कार्रवाई की है। विहिप कार्यकर्ता जगह-जगह विशाल हिंदू आक्रोश हुंकार रैली निकाली है। भाजपा का कहना है कि पुलिस स्थानीय विधायक और प्रदेश के दूसरे नेताओं के इशारे पर पुलिस काम कर रही है। प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गई ह। विवाद के दिन पुलिस मौन होकर पूरे मामले को देखती रही और कार्रवाई नहीं की।

प्रशासन को धोखा देने का प्रयास

प्रशासन का कहना है कि यहां पर शांति के लिए रैली निकालकर प्रशासन को धोखा देने का प्रयास किया गया। रैली के माध्यम से हिंसा कर माहौल को और खराब करने की कोशिश की गई। यहां तक बाहर से लोगों को लाकर यहां पनाह देने के माहौल खराब करने का प्रमाण प्रशासन को मिले हैं। पुलिस आईजी की रिपोर्ट से यह सिद्ध हुआ है कि कुछ लोगों ने जानबूझ कर ऐसा करने की कोशिश में लगे हैं।