रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन के लिए सांसद राहुल गांधी ने शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में देश के आदिवासी कलाकारों को एक मंच प्रदान करते हुए अपनी अनूठी सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित करने का अवसर दिए जाने पर छत्तीसगढ़ शासन को बधाई दी है। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि आदिवासी कलाकारों को मंच देकर लोगों को आदिवासियों की प्राचीन और परंपरागत संस्कृति से अवगत कराने का यह कदम भारत की अनेकता में एकता के भाव को और मजबूत करेगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2019 में छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजनों की शुरुआत राहुल गांधी ने ही की थी। राज्य में दूसरी बार हो रहे इस वर्ष के आयोजन में वे उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रतिभागियों के लिए अपना संदेश भेजकर शुभकामनाएं व्यक्त की हैं। उनके संदेश का वाचन समारोह के उद्घाटन अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद बी.के. हरिप्रसाद ने किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बधाई और शुभकामनाओं के लिए राहुल गांधी के प्रति आभार व्यक्त किया।

आदिवासियों को मिला अपनी संस्कृति दिखाने का अवसर

संदेश में राहुल गांधी ने कहा है कि हमारे आदिवासी भाई-बहन अपनी विरासत को सहेजने में न केवल सबसे आगे रहे हैं, बल्कि साथ ही वे हमारे प्राचीन ज्ञान को भी संरक्षित कर रहे हैं। आदिवासियों का हर लोकगीत, नृत्य, चित्र, शिल्प एक अलग ही कहानी कहता है। उन्होंने कहा कि ‘मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी संस्कृति, कला और कलाकारों को अपनी पहचान को लोगों की बीच रखने का अवसर दे रही है।’ उन्होंने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव की सफलता की कामना करते हुए कहा है कि यह आयोजन भारत की अनेकता में एकता के भाव को संजोए रखते हुए उसे और मजबूती प्रदान करेगा।