कांग्रेस सरकार ही है किसान हितैषी, भाजपा केवल झूठे वायदे करती है

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा वर्ष 2003, 2008, 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों में जारी किये गये संकल्प पत्र को देखा जाए तो यह पता चलता है कि जो वादे किए गए उसे आज तक पूरी नहीं कर पायी है। जनता ने 2018 के संकल्प पत्र को देखकर यही कहा, पहले जो कहा था वह तो नहीं कर पाये, फिर झूठ का पुलिंदा सामने रखा था। 2013 के संकल्प पत्र में धान का समर्थन मूल्य 2100 रुपए करने का घोषणा करने वाली भाजपा 2018 के विधानसभा चुनाव के लिये जारी संकल्प पत्र में धान के समर्थन मूल्य पर मुंह छुपाती नजर आई। 2013 के संकल्प पत्र में पूरे पांच साल धान पर 300 रुपए बोनस की घोषणा करने वाली भाजपा ने केवल चुनावी वर्ष में बोनस दिया था। 2018 के संकल्प पत्र में भाजपा ने किसानों को फूटी कौड़ी भी बोनस देने का वादा नहीं किया है। अब राज्यपाल को पत्र देकर भाजपा किस मुंह से कांग्रेस सरकार से जो नहीं कहा उन बातों को पूरा करने पर जोर दे रही है।

पिछले 15 सालों से किसानों की बदहाली की जिम्मेदारी भाजपा कांग्रेस के घोषणापत्र की नकल कर वरिष्ठ किसानों को 1000 रुपए पेंशन देने का वादा तो करती है, लेकिन उसमें इतना भी साहस नहीं है कि वह कांग्रेस के समान 75 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को 1500 रुपए प्रतिमाह करने का वादा कर पाये। 15 सालों तक सरकार चलाने के बाद सिंचाई का रकबा 20 फीसदी तक नहीं बढ़ा पाने वाली भाजपा 5 साल में सिंचाई का रकबा 50 फीसदी बढ़ाने का झूठा वादा किया था, नहीं कर पाई। युवाओं के रोजगार, महिला सुरक्षा, प्रशासनिक अराजकता पर सुधार की भाजपा के पास कोई कार्ययोजना नहीं है, इसलिये इन विषयों पर भाजपा का संकल्प पत्र मौन है। वहीं किसानों के धान खरीदी की मात्रा को घटा कर किसानों के साथ दगाबाजी करने वाले अब अपने को किसान हितैषी बता रहे है। कांग्रेस सरकार ने किसानों के हित में सत्ता संभालते ही वादों को पूरा किया इससे विश्वास गा है।

घोषणा पत्र की प्रमुख बातें नवा छत्तीसगढ़ संकल्प 2018

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 2018 में जारी संकल्प पत्र में सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए नए-नए वादे किए हैं। इसमें किसानों, छात्रों मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया गया था। जारी संकल्प पत्र किसानों की फसल ज्यादा समर्थन मूल्य पर खरीदी और दाम बढ़ाने का वादा किया गया था। 60 साल से ज्यादा उम्र के मजदूरों को प्रतिमाह 1 हजार रुपये पेंशन देने। स्वास्थ्य बीमा 50 हजार से बढ़कर अब 1 लाख रुपये करने। महिलाओं को अपना व्यापार शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण देने। छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी का निर्माण करने। मेधावी छात्रों को मुफ्त स्कूटी देने। वहीं अगले 5 साल में किसानों को 2 लाख नए पंप कनेक्शन देने। जिला अस्पताल को मल्टी स्पेशियलिटी और अंबिकापुर एवं जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनानेे। युवाओं को रोजगार सुनिश्चित कराने कौशन उन्नयन भत्ता देने। 200 करोड़ रुपए के उद्यमिता मास्टर फंड की स्थापना करने का वादा था।

धान पर 21 सौ समर्थन मूल्य ओर बोनस का वादा पूरा नहीं किया

विधानसभा चुनाव 2013 के लिए भाजपा ने बुधवार को घोषणा पत्र में किसान, युवा और बेटियों को सबसे ज्यादा फोकस किया गया था। भाजपा ने किसानों को ब्याज मुक्त ऋण, धान पर 300 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने, गरीब जनता को एक रुपए किलो चावल और धान का समर्थन मूल्य 2100 रुपए करने के लिए पहल किया था। इसके साथ ही खेतिहर मजदूरों का शत प्रतिशत बीमा कराने का वादा पर इसे भी पूरा नहीं कर पाए। अब कांग्रेस सरकार से उम्मीद कर रहे हैं कि समर्थन मूल्य बढऩे के हिसाब से धान का समर्थन मूल्य अगले साले से 2800 रुपए प्रति क्विंटल करें।

फिल्म विकास निगम का गठन

भाजपा ने 2013 के घोषणा पत्र में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के गठन का वादा किया था। छत्तीसगढ़ी राजभाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की बात भी कही थी। प्रदेश के सभी निराश्रितों की पेंशन दोगुना करने का संकल्प लिया गया है। ओबीसी आंदोलन की मांग को भी भाजपा ने घोषणा पत्र में शामिल किया था। राज्य के कर्मचारियों के लिए कर्मचारी कल्याण परिषद का गठन किए जाने को पूरा नहीं कर पाई। कांग्रेस सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ फिल्म सिटी की स्थापना और नइ्र फिल्म नीति को वायदे के अनुरूप पूरा किया। भाजपा आइ साल पहले इसे घोषित कर पांच साल सरकार चलाई लेकिन पूरा नहीं किया।

इन योजनाओं पर भी भाजपा ने दिखाया ठेंगा

भाजपा ने 2013 में नोनी सुरक्षा योजना लागू करने पर जोर दिया था। इसके तहत लड़की के जन्म से लेकर विवाह तक की जिम्मेदारी सरकार उठानी थी। शिक्षित बेरोजगारों को 3 प्रतिशत की दर से ब्याज उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई। शासकीय कालेजों में छात्राओं को स्नातक तक उच्च शिक्षा नि:शुल्क और प्रदेश के सभी शहरों में महिला समृद्धि बाजार बनाने की घोषणा की गई। स्वसहायता समूह को दो लाख रुपए तक ब्याजमुक्त ऋण देने का वादा भी किया गया। पहले से चल रही मोनो रेल और मेट्रो रेल परियोजना को भी घोषणा पत्र में शामिल किया, पर इन पर कोई काम नहीं हो पाया।

विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिला पाई भाजपा

भाजपा ने 2013 में छत्तीसगढ़ को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने, बेरोजगारों को रोजगार, बुजुर्गों को संरक्षण और महिलाओं को सम्मान का वचन दिया था। महिला सशक्तिकरण और हर क्षेत्र में महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर जोर दिया था। वनवासी, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए नई योजनाओं, कुटीर उद्योगों का जाल, प्रदूषण रहित औद्योगिक संस्कृति का निर्माण करने का संकल्प लिया था। वनोपज आधारित छोटे और मध्यम उद्योगों की स्थापना, ग्रामीण रोजगार के अवसर के विस्तार को भी शामिल किया है। सिंचाई के रकबे में विस्तार और प्रदूषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने का वादा किया गया था।